विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि मंडी संसदीय सीट को पूर्व सरकार के समय हुए उपचुनाव में कांग्रेस ने जीता है। इस क्रम को आगे भी जारी रखा जाएगा। अप्रैल से वह मंडी, कुल्लू, लाहौल-स्पीति सहित अन्य क्षेत्रों के दौरे पर निकलेंगे। उन्होंने कहा कि भाजपा के कई नेता कांग्रेस के संपर्क में हैं। कांग्रेस चारों लोकसभा सीटों सहित विधानसभा के उपचुनावों में जीत दर्ज करेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में इस सदी की सबसे बड़ी त्रासदी बीते वर्ष बरसात के दौरान आई। इन विपरीत परिस्थितियों के बावजूद प्रदेश सरकार ने विकास कार्यों को रुकने नहीं दिया। प्रदेश की आर्थिकी को 15 हजार करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचा। केंद्र सरकार ने मुश्किल से 500 करोड़ रुपये की मदद की। राज्य सरकार ने अपने सीमित संसाधनों से 4500 करोड़ रुपये का राहत पैकेज जारी कर प्रभावितों को मदद पहुंचाई।
विक्रमादित्य ने कहा कि भाजपा ने महिलाओं को मिलने वाले 1500 रुपये को रोकने का काम किया है। महिलाएं चुनाव में इसका जवाब देंगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने विधानसभा चुनाव के दौरान किए गए ज्यादातर वायदों को पूरा कर दिया है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में पहली कैबिनेट बैठक में पुरानी पेंशन को बहाल किया गया। उन्होंने कहा कि लोकनिर्माण विभाग ने चुनाव आचार संहिता लगने से पहले करोड़ों रुपये की योजनाओं को अमलीजामा पहनाया है। विक्रमादित्य सिंह ने इलेक्टोरल बांड पर आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि भाजपा ने कानूनी तरीके से चंदा वसूली की प्रक्रिया को शुरू किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार विपक्ष की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कांग्रेस के बैंक खाते फ्रीज करने की निंदा भी की।
बागियों ने गलत रास्ता चुना, अब चुनावों में भुगतेंगे अंजाम
विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि प्रदेश में बीते एक माह में हुए घटनाक्रम का परिणाम चुनावों में देखने को मिलेगा। कांग्रेस के छह विधायकों ने बागी होने का जो फैसला लिया उसका खामियाजा इन चुनावों में उन्हें भुगतना पड़ेगा। उपचुनाव वाले छह विधानसभा क्षेत्रों के भाजपा नेताओं में भी नाराजगी साफ दिख रही है, भाजपा हाईकमान ने कांग्रेस के बागियों को अपना प्रत्याशी बनाने का जो तुकलकी फरमान निकाला है, उसको लेकर विरोध के स्वर भाजपा में उठना शुरू हो गए हैं। उन्होंने कहा कि बागियों की ओर से उठाया गया कदम दुभार्ग्यपूर्ण है।
प्रदेश की राजनीति में ऐसा पहले नहीं देखा। किसी को कोई बात कहनी थी तो पार्टी के भीतर उसे रखना चाहिए। मुझे भी कभी कोई कमी पेशी दिखती तो उसे मुख्यमंत्री, प्रदेश अध्यक्ष व प्रभारी के समक्ष रखता हूं। संगठन और सरकार की मजबूती के लिए कमियों को उठाना हमारा दायित्व है। लेकिन बाहर का रास्ता ले लेना ठीक नहीं है। कांग्रेस लोकतांत्रिक पार्टी है, सबको अपनी बात रखने का मौका मिलता है, भाजपा की तरह वन मैन शो नहीं है। उन्होंने कहा कि जयराम ठाकुर जब मुख्यमंत्री बने थे तो 25 साल तक इस पद पर बने रहने की बातें कहते थे। अब मुंगेरीलाल के सपने देखते हुए चार जून को देश और प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने की बातें कह रहे हैं।