लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के नाम पर राजनीतिक पार्टी बनाने की चर्चाओं पर आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि किसी को भी राजनीतिक दल बनाने का अधिकार है, लेकिन वीरभद्र सिंह के नाम का इस्तेमाल उनकी विरासत का राजनीतिक लाभ लेने के लिए नहीं होना चाहिए। चुनाव आयोग को सुनिश्चित करना चाहिए कि परिवार की सहमति के बिना उनके नाम पर किसी पार्टी का पंजीकरण न हो। रोहड़ू में पोस्टर से वीरभद्र सिंह की तस्वीर गायब होने पर उन्होंने कहा कि फोटो पोस्टर पर हो या न हो, महत्वपूर्ण यह है कि नेता लोगों के दिलों में कितनी जगह रखता है। वीरभद्र सिंह ने अपने काम से जनता के दिलों में जगह बनाई है। पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह भी इस मामले में चुनाव आयोग से हस्तक्षेप की मांग कर चुकी हैं। सांसद कंगना रणौत के हिमाचल को लेकर दिए बयान पर पलटवार करते हुए विक्रमादित्य ने कहा कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन प्रदेश की उपलब्धियों को नजरअंदाज करना उचित नहीं है। हिमाचल ने शिक्षा, प्रति व्यक्ति आय और सामाजिक सुरक्षा सहित कई क्षेत्रों में प्रगति की है।