तत्कालीन जेई के खिलाफ होगी विभागीय जांच
विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार के शहरी विकास मंत्री ने खुद मस्जिद के माैलाना को ट्रांसफर करने के लिए डीओ नोट दिया था। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि मस्जिद मामले में उस समय संजौली वार्ड के जूनियर इंजीनियर के खिलाफ भी विभागीय जांच होगी। बताया जा रहा है कि जब यह मामला न्यायालय में चला तो रिपोर्ट में गलत नाम दिया गया। फेक पार्टी बना दी। पदोन्नत होकर मामला अपने पास लगाया। ऐसे में यह मामला 14 साल तक उलझा रहा।
स्ट्रीट हॉकर्स व वेंडर्स के लिए कमेटी जल्द
अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि स्ट्रीट हॉकर्स व वेंडर्स के लिए कमेटी भी फाइनल होने जा रही है। कानून में संशोधन के जरिये हिमाचल या हिमाचल के बाहर के सभी स्ट्रीट वेंडर्स के लिए पुलिस सत्यापन अनिवार्य होगा। स्ट्रीट वेंडर जोन बनाए जाएंगे। बाजार में भीड़भाड़ ज्यादा है। लोगों को चलने में दिक्कत हो रही है। उन्होंने कहा कि रियासत काल में 1945-46 की जमाबंदी में यह जमीन राणा साहब बहादुर कोटी के नाम थी। 1951-52 तक प्रांतीय सरकार में धर्म इस्लाम के नाम जमीन का कब्जा रहा। अनिरुद्ध ने कहा कि बीते दिनों में हुई मारपीट मामले में छह लोग नामजद हैं। इनमें दो नाबालिग हैं। ये नाम बदलकर रहते थे।
प्रवासियों के मामले पर बनेगी कमेटी : विक्रमादित्य
विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि संजाैली में हुए घटनाक्रम को सरकार ने गंभीरता से लिया है। सरकार माहाैल को ठीक करने का प्रयास कर रही है। इसी कड़ी में एक महत्वपूर्ण कदम संजाैली मस्जिद कमेटी की ओर से उठाया गया है और एमसी आयुक्त को अवैध निर्माण को खुद हटाने का आवेदन दिया है। कहा कि प्रदेश में बाहर से जो प्रवासी आ रहे हैं, उनकी चेकिंग और वेरिफिकेशन होनी चाहिए। इसके लिए बहुत जल्द कमेटी बनाई जाएगी और जनता के सुझाव लिए जाएंगे। इसमें भाजपा विधायकों को भी शामिल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि संजौली मस्जिद मामले पर भाजपा राजनीति न करे। मस्जिद की तीन मंजिलों का निर्माण कोरोनाकाल में हुआ। कोरोना के समय किसकी सरकार थी, काैन शिमला का मेयर था। ये सब चीजें भी रिकाॅर्ड में आनी चाहिए। दूसरों पर अंगुली उठाना आसान होता है।