यहां जानें पूरा मामला
बता दें कि सुंदरनगर के एक ठेकेदार ने विजिलेंस को जल शक्ति विभाग मंडल कार्यालय बग्गी में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए शिकायत की थी, जिसमें कई आरोप अधिकारियों पर लगाए थे। आरोप थे कि विभागीय अधिकारियों ने टेंडर आवंटन में अनियमितता बरती और चहेतों को लाभ पहुंचाया। शिकायत में बीते वित्तीय वर्ष में निविदा प्रक्रिया व बजटीय आवंटन पर भी सवाल उठाए थे। मामला सामने आने के बाद विजिलेंस टीम ने बग्गी स्थित कार्यालय में दबिश देकर जांच भी की थी। जांच के बाद यहां तैनात अधिशाषी अभियंता का तबादला हुआ था। जांच में अनियमितता पाए जाने के बाद ही इस मामले में आगामी कार्रवाई होगी। इस मामले में तथ्य उजागर होने पर तत्कालीन अधिशाषी अभियंता को जांच में शामिल किया जा सकता है।
जल शक्ति विभाग बग्गी कार्यालय के अधिकारियों पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों की नियमानुसार जांच की जा रही है। शक के दायरे में आने वाले टेंडर का विस्तार से डाटा मंगवाया जाएगा। हर चीज को बारीकी से अध्ययन किया जा रहा है। -प्रियंक गुप्ता, डीएसपी, विजिलेंस मंडी