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वीरभद्र सरकार की मेहरबानी से पीसीसीएफ बने सीएस सिंह, जांच के बाद कई खुलासे

Sat, 07 Jul 2018 10:24 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
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आय से अधिक संपत्ति के मामले में विजिलेंस ब्यूरो के रडार पर चल रहे रिटायर्ड आईएफएस अधिकारी चंद्रशेखर सिंह के अब एक एक कर खेल सामने आ रहे हैं। भ्रष्टाचार के मामले के बाद अब सिंह के प्रमोशन पर सवाल उठ रहे हैं। जानकारी के अनुसार सर्विस रिकॉर्ड में तीन बार विपरीत टिप्पणी वाली एसीआर होने और एक बार चार्जशीट होने के बावजूद सिंह पर पिछली सरकार मेहरबान थी।

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विपरीत कागजी कार्रवाई के बावजूद पिछली सरकार के वन मंत्री की सिफारिश पर उन्हें पदोन्नत कर दिया गया। यही नहीं, मंत्री की ही सिफारिश पर उन्हें सुपर स्केल भी दे दिया गया। जांच एजेंसियां अब प्रमोशन के कारणों की भी जांच में जुट गई हैं।

पिछली सरकार के दौरान आय से अधिक संपत्ति के मामले की शिकायत की जांच के बाद हाल ही में विजिलेंस ब्यूरो ने सीएस सिंह के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के तहत मामला दर्ज किया था।

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मामले की जांच के दौरान विजिलेंस के अधिकारियों को कुछ ऐसे दस्तावेज मिले जिनसे यह संकेत मिले हैं कि पिछली सरकार ने खास कारणों से उनका प्रमोशन एपीसीसीएफ से पीसीसीएफ पद पर कर दिया। यह तब हुआ जब स्क्रीनिंग कमेटी ने उन्हें अनफिट पाते हुए सिर्फ पीसीसीएफ पद के लिए एसपी वासुदेवा को ही प्रमोशन देने की सिफारिश की थी।
अमर उजाला को मिले प्रमोशन की प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेजों की मानें तो तत्कालीन वन मंत्री ने सीधे तौर पर सिंह को पदोन्नत करने के लिए सिफारिश की। यही नहीं, जूनियर वासुदेवा को सुपर स्केल मिलने का हवाला देते हुए सिंह को भी सुपर स्केल देने की दलील दी। विभागीय मंत्री की सिफारिश के चलते चार्जशीट होने और तीन बार नकारात्मक एसीआर होने के बावजूद सरकार ने सिंह को सुपर स्केल व प्रमोशन दे दिया।
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