सहकारी बैंकों में हुए कथित गड़बड़झाले की विजिलेंस जांच से पूर्व अधिकारियों की मुश्किलें बढ़नी शुरू हो गई हैं। प्रदेश के दो सहकारी बैंकों राज्य सहकारी बैंक और कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक के जांच से संबंधित जरूरी दस्तावेज सहकारिता विभाग ने विजिलेंस ब्यूरो को उपलब्ध करा दिए हैं।
अब विजिलेंस इन दस्तावेजों की छंटनी कर यह तय करेगी कि इन बैंकों में हुआ अपराध विभागीय जांच के दायरे में आएगा या विजिलेंस ब्यूरो मामला दर्ज कर विस्तृत जांच करेगा। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सहकारिता विभाग की सिफारिश पर राज्य सहकारी और कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक में हुई कथित भर्ती और वित्तीय गड़बड़ी की जांच विजिलेंस को दी थी।
यूं तो मुख्यमंत्री ने सीधे मामले में तत्कालीन अधिकारियों के खिलाफ अभियोग पंजीकृत करने के लिए कहा लेकिन विजिलेंस ब्यूरो ने अपने मैनुअल के अनुसार प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है। ब्यूरो ने सहकारिता विभाग को पत्र लिखकर मामले से संबंधित दस्तावेज मांगे थे लेकिन बैंकों की लेटलतीफी के चलते जांच अटक गई थी।
इस बीच जांच में देरी को लेकर विवाद उठा तो ब्यूरो ने दस्तावेज न मिलने का हवाला दे दिया। अब सहकारिता विभाग की ओर से ब्यूरो को दोनों बैंकों की जांच से संबंधित जरूरी दस्तावेज उपलब्ध करा दिए हैं।
सूत्रों की मानें तो प्रारंभिक जांच में ब्यूरो इस बात से मुतमईन होना चाहता है कि इसमें विभागीय जांच बनती है या फिर आपराधिक मामला। इसके आधार पर ही वह सरकार से आगे की कार्रवाई की सिफारिश करेगा।