आरोप था कि हिमाचल पुलिस के लिए जूता खरीद के दौरान घपला हुआ। काफी समय तक गोयल को पूर्व वीरभद्र सरकार के दौरान भी इसी मामले में फंसा बताकर पहले पदोन्नति और बाद में डीजीपी न बनाने का आधार बनाया गया था।
लेकिन वीरभद्र सरकार के कार्यकाल में ही उन्हें इस मामले में क्लीन चिट मिल गई और सरकार ने उनकी पुलिस महानिदेशक के पद पर पदोन्नति कर दी। विजिलेंस की क्लीयरेंस मिलने के बाद अब गोयल की केंद्रीय प्रतिनियुक्ति का रास्ता साफ हो गया है।
सूत्रों का कहना है कि चूंकि वरिष्ठतम होने के बावजूद वर्तमान जयराम सरकार ने उन्हें डीजीपी पद से हटाकर उनसे कनिष्ठ सीताराम मरडी को पदासीन कर दिया था। ऐसे में गोयल भी केंद्र में प्रतिनियुक्ति के लिए प्रयास कर रहे हैं।