जेई रिश्वत लेते पकड़ा(सांकेतिक)
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हिमाचल प्रदेश के जिला सिरमौर के विकासखंड कार्यालय संगड़ाह में तैनात कनिष्ठ अभियंता को विजिलेंस की टीम ने 10,000 रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। इस मामले में स्टेट विजिलेंस एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम आगामी कार्रवाई में जुटी है। जानकारी के अनुसार यह मामला ग्राम पंचायत संगड़ाह के रेणुकाजी बांध परियोजना में आने वाले गांव सियूं के लिए खड़चा से पालर खड्ड तक संपर्क मार्ग की मरम्मत का एस्टीमेट बनाने से जुड़ा है। इसे बनाने की एवज में कनिष्ठ अभियंता ने पंचायत उपप्रधान सतपाल तोमर से 10,000 रुपये की रिश्वत की मांग की।
उपप्रधान का ये भी आरोप है कि इससे पहले पालर खड्ड पर बनाए गए पुल के बिल को लेकर भी पैसों की मांग की गई थी। कनिष्ठ अभियंता की कार्यप्रणाली से परेशान होकर उपप्रधान ने विजिलेंस को इसकी सूचना दी। इस पर विभाग की टीम ने सुनियोजित तरीके से जाल बिछाया और आरोपी कनिष्ठ अभियंता को विभाग के कार्यालय में ही धर दबोचा।
बीडीओ कार्यालय में तैनात आरोपी कनिष्ठ अभियंता आउटसोर्स पर कार्यरत है। लंबी कार्रवाई के बाद विजिलेंस की टीम कनिष्ठ अभियंता को गिरफ्तार कर अपने साथ जिला मुख्यालय ले गई। आरोपी के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। स्टेट विजिलेंस एंटी करप्शन ब्यूरो की पुलिस अधीक्षक अंजुम आरा ने आरोपी कनिष्ठ अभियंता प्रदीप कुमार शर्मा को रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़े जाने और गिरफ्तारी की पुष्टि की है।