हिमाचल प्रदेश का चुनाव विभाग अगले साल प्रस्तावित विधानसभा चुनाव में अभी से जुट गया है। राज्य मुख्य चुनाव आयुक्त ने इसके लिए शिमला में ऑल पार्टी मीटिंग ली। इसमें सभी राजनीतिक दलों को कहा गया कि समय रहते ही मतदाता सूचियों को दुरुस्त करना होगा। निर्धारित समय में ही इस प्रक्रिया को पूरा करना होगा।
इसमें राजनीतिक दल बढ़ चढ़कर हिस्सा लें। 1 से 31 अक्तूबर 2016 तक चलेगा मतदाता सूचियों का जांच अभियान चलेगा। अगले विधानसभा चुनाव अक्तूबर से दिसंबर 2016 के बीच प्रस्तावित हैं। शिमला स्थित सचिवालय में हुई इस बैठक में कांग्रेस की ओर से विधि विभाग के प्रमुख आईएन मेहता, भाजपा की ओर से एचएन कश्यप, बसपा से राजेश घोष, राष्ट्रवादी कांग्र्रेस पार्टी से रवि कुमार आदि मौजूद हुए।
इस मौके पर सभी पार्टी प्रतिनिधियों का बताया गया कि मतदाता सूचियों के निरीक्षण की प्रक्रिया चल रही है। इसके लिए मतदाता सूचियों का पुनरीक्षण कार्यक्रम 1 अक्तूबर से 31 अक्तूबर 2016 तक चलेगा। अंतिम मतदाता सूचियां 10 जनवरी तक प्रकाशित हो जाएंगी।
एनसीसी के शिमला के अध्यक्ष रवि कुमार दलित ने इस मौके पर आपत्ति उठाई कि नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) का नाम उन्हें दिए गए दस्तावेज में नेशनल कांग्रेस पार्टी लिखा गया है। इसी तरह से अध्यक्ष का नाम अनिरुद्ध शर्मा लिखे जाने पर भी आपत्ति दर्ज की। चुनाव विभाग को बताया गया कि वर्तमान में इस पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष रविंद्र सिंह डोगरा है। इसे ठीक किया जाए।