महिला ने दिया था ये तर्क
महिला ने तर्क दिया था कि बिना उनका पक्ष सुने ही पुलिस ने केस की क्लोजर रिपोर्ट दे दी गई थी। कसौली पुलिस ने इस केस में जांच के बाद बड़ौली और मित्तल के खिलाफ कोई साक्ष्य न मिलने की बात कही थी। इसके आधार पर पुलिस ने केस बंद करने की अर्जी दी, जिसे कसौली कोर्ट ने 12 मार्च को स्वीकार कर लिया था। पुलिस का कहना है कि आरोप लगाने वाली महिला को बयान देने के लिए दो बार समन भेजे गए थे, लेकिन दोनों बार अलग-अलग पतों पर महिला समन रिसीव नहीं कर सकी। इसके बाद पुलिस ने अदालत में मामले को लेकर क्लोजर रिपोर्ट सौंपी, जिसे अदालत ने मंजूर करते हुए मामला बंद कर दिया। अब मामले की फिर सुनवाई शुरू होने से बड़ौली और मित्तल की मुश्किलें बढ़ेंगी।
यह था मामला
13 दिसंबर को महिला ने बड़ौली और मित्तल पर गैंगरेप का मामला दर्ज करवाया था। महिला ने कसौली के एक होटल में गैंगरेप होने की बात कही थी। महिला ने वर्ष 2023 में गैंगरेप की बात कही थी। इसमें होटल कर्मियों समेत कई लोगों के बयान हुए थे। वाली महिला को बयान देने के लिए दो बार समन भेजे गए थे, लेकिन दोनों बार अलग-अलग पतों पर महिला समन रिसीव नहीं कर सकी। इसके बाद पुलिस ने अदालत में मामले को लेकर क्लोजर रिपोर्ट सौंपी, जिसे अदालत ने मंजूर करते हुए मामला बंद कर दिया। अब मामले की फिर सुनवाई शुरू होने से बड़ौली और मित्तल की मुश्किलें बढ़ेंगी।