इस दौरान भारी मात्रा में नकली ‘कामराज कैप्सूल’ और अन्य सामग्री बरामद की गई। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया कि फैक्ट्री के पास केवल एलोपैथिक दवाओं का लाइसेंस है, लेकिन रात के समय चोरी-छिपे आयुर्वेदिक दवाओं का निर्माण किया जा रहा था जो पूरी तरह गैरकानूनी है। डाडासीबा थाना के डीएसपी राज कुमार ने बताया कि कंपनी के ट्रेडमार्क की नकल, कॉपीराइट उल्लंघन और नकली दवा निर्माण के आरोप में मामला दर्ज कर लिया है। जब्त दवाओं को जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिया गया है और मामले की जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।