केंद्रीय शहरी विकास मंत्री वेंकैया नायडू ने कहा कि राष्ट्रपति चुनाव सिद्धांतवाद का नहीं, बल्कि संविधान संरक्षण का मुद्दा है। सिद्धांतवाद का चुनाव वर्ष 2014 में था। इसे भाजपा और उसके समर्थक दलों ने जीत लिया है। सभी जानते हैं कि कांग्रेस की हार राष्ट्रपति चुनाव में तय है।
बावजूद इसके पार्टी ने एक उम्मीदवार को मैदान में उतारा है। वेंकैया नायडू वीरवार को परवाणू में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भाजपा समेत एनडीए में कुल 23 दल शामिल हैं। जेडीयू, बीजेडी, डीएमके, इनेलो और वाईआर कांग्रेस समेत अन्य कई छोटे दल एनडीए के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार रामनाथ कोविंद का बाहर से साथ दे रहे हैं। इससे उनकी जीत सुनिश्चित है।
बताया कि देश में एक या दो राज्यों को छोड़कर अन्य सभी में रामनाथ कोविंद को बढ़िया बढ़त मिलेगी। रामनाथ कोविंद की बोलचाल और उनकी शालीनता बाकी दलों को भी समर्थन के लिए बाध्य कर रही है।
इस चुनाव में कांग्रेस ने क्रॉस वोटिंग के मद्देनजर अंतरात्मा की आवाज सुनकर राष्ट्रपति उम्मीदवार के समर्थन की बात कही है, लेकिन यह बात भी एनडीए प्रत्याशी के पक्ष में जाएगी। सभी की अंतरात्मा एनडीए उम्मीदवार के साथ है। पार्टी से बाहर जाकर भी कुछ लोग रामनाथ कोविंद का समर्थन करेंगे।
परवाणू पहुंचने से पूर्व राष्ट्रपति पद के एनडीए उम्मीदवार रामनाथ कोविंद का भाजपा विधायक दल के नेता प्रेम कुमार धूमल और प्रदेश प्रभारी मंगल पांडेय समेत विधायकों ने स्वागत किया। बंद कमरे में करीब एक घंटे तक रामनाथ कोविंद ने विधायक और सांसदों से चर्चा की।
इस दौरान केंद्रीय शहरी विकास मंत्री वेंकैया नायडू और स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा मौजूद रहे। बैठक में सांसद शांता कुमार और अनुराग ठाकुर मौजूद नहीं हो पाए। विधायकों में चंबा जिला के चुराह से हंसराज मौजूद नहीं थे।
कुल्लू से महेश्वर सिंह समेत भाजपा के एसोसिएट विधायक भी मौजूद रहे। चुराह के विधायक हंसराज ने मार्ग बाधित होने, सांसद शांता कुमार और अनुराग ठाकुर ने जरूरी बैठक के चलते परवाणू न पहुंच पाने की बात कही।