अब इन आदेशों को संशोधित किया जा रहा है। नए प्रस्ताव के तहत अप्रैल में सिर्फ पांच दिन की छुट्टियां दी जाएंगी। शेष पांच छुट्टियों को बरसात की छुट्टियों में शामिल किया जाएगा।
हमीरपुर, ऊना, बिलासपुर के सभी स्कूलों सहित कांगड़ा, मंडी, शिमला, सोलन, सिरमौर और चंबा जिला के कुछ क्षेत्रों में ग्रीष्मकालीन स्कूल हैं। छुट्टियों में बदलाव करने की तैयारी में जुटे उच्च शिक्षा निदेशालय ने तर्क दिया है कि अप्रैल के पहले हफ्ते में दसवीं और जमा दो कक्षा की बोर्ड परीक्षाओं के पेपर चैक किए जाते हैं।
कई शिक्षकों की इसमें ड्यूटी लगती है। अगर पहली से दस अप्रैल तक छुट्टियां रहेंगी तो पेपर चैक करवाने में दिक्कत पेश आएगी। इस कारण छुट्टियों को कम किया जा रहा है। इसके अलावा बरसात के सीजन में कई बार स्कूल बंद करने पड़ते है। ऐसे में इस स्थिति से निपटने के लिए बरसात की छुट्टियां बढ़ाई जानी चाहिए।