प्रदेश को प्लास्टिक कचरा मुक्त करने के उद्देश्य से शहरी विकास विभाग बड़ा कदम उठाने जा रहा है। एक जनवरी से प्रदेश के सभी 56 शहरी निकायों में कूड़ा उठाने को लेकर विभाग ने बड़ा एलान किया है। इसके तहत जनवरी 2020 से उसी घर से कूड़ा उठेगा, जहां पर गीला, सूखा और खतरनाक कूड़ा अलग अलग करके दिया जाएगा। जनवरी से विभाग इस संबंध में विशेष अभियान चलाएगा ताकि लोग घर से ही कूड़ा अलग करके दें।
दरअसल, पिछले दिनों सरकार ने एक योजना लागू की जिसके तहत 75 रुपये प्रति किलो के हिसाब से सिंगल प्लास्टिक प्रदेश शहरी विभाग को खरीदना है। लेकिन इसमें सबसे बड़ी अड़चन कूड़े के ढेर में से प्लास्टिक निकालने में आ रही है। साथ ही कचरे के निस्तारण में भी यह कारण बड़ी दिक्कत बन गया है। इसी वजह से अब तय किया गया है उसी घर से कूड़ा उठाया जाएगा जहां पहले से ही निवासी खुद गीले व सूखे और खतरनाक कूड़े को अलग करके रखेंगे।
विभागीय सचिव सी पाल रासू ने बताया कि सोर्स से ही कूड़े को छांटना जरूरी होगा। इससे न सिर्फ कूड़े के निस्तारण में आसानी होगी बल्कि उससे बायो ईंधन बनाने व सीमेंट कंपनियों को ईंधन के रूप में प्लास्टिक मुहैया कराई जाएगी। इससे वैकल्पिक ईंधन और कचरा निस्तारण का दोहरा फायदा होगा। उन्होंने बताया कि अंबुजा और एसीसी के साथ इसके लिए पहले ही एमओयू किए जा चुके हैं।
प्लास्टिक कटलरी पर भी प्रतिबंध
सी पाल रासू ने बताया कि सरकार ने पिछले महीने प्लास्टिक कटलरी पर प्रतिबंध लगाने का एलान किया था। पुराने स्टॉक के निस्तारण के लिए समय दिया गया है जो दिसंबर में पूरा हो जाएगा। इसके बाद जनवरी से इस कटलरी के इस्तेमाल पर प्रतिबंध होगा। जाहिर है कि इसके बाद प्लास्टिक कटलरी वाले कचरे में भी कमी आएगी और बैन सख्ती से लागू कराया जाएगा।