लोगों को घर बनाने के लिए नक्शा पास करवाने को अब टीसीपी दफ्तर के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। शहरी विकास विभाग जल्द ही इस सुविधा को ऑनलाइन करने वाला है। शनिवार को ऊना दौरे पर पहुंचे शहरी विकास विभाग के निदेशक जेएम पठानिया ने इसका खुलासा किया।
कहा कि शहरों को स्वच्छ और साफ रखने के मकसद से प्रदेश के शहरों में प्रत्येक सौ मीटर के दायरे में डस्टबिन रखे जाएंगे। उन्होंने प्रदेश भर में सीवरेज योजनाओं के लटकने पर सख्ती दिखाते हुए कहा कि विभाग ने अब ऐसे मामलों में दंडात्मक कार्रवाई करने का निर्णय लिया है। पूरे प्रदेश में 1995-96 से शुरू हुई सीवरेज योजनाएं 2015 में भी पूरी नहीं हो पाई हैं।
प्रदेश के 42 शहरों में सीवरेज बिछाने का काम शुरू किया गया था। इसके लिए 190 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई थी। अब तक 95 करोड़ रुपये का यूसी शहरी विकास विभाग को मिला है, लेकिन 90 करोड़ रुपये की राशि अभी तक खर्च ही नहीं हो पाई है।
कई जगहों पर सीवरेज बिछाने के लिए एजेंसी के तौर पर काम कर रहे आईपीएच विभाग ने लाइन बिछा दी है और सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट भी बना दिए हैं लेकिन कुछ अड़चनों के कारण स्कीमें पूरी ही नहीं हुई हैं। उन्होंने कहा कि सीवरेज लाइन को बिछाने में हो रही देरी और कनेक्शन न दिए जाने की वजह से अब शहरी विकास विभाग ने दंडात्मक कार्रवाई शुरू करने का फैसला किया है। पठानिया ने ऊना नगर परिषद में विकास कार्यों का जायजा भी लिया।