दोपहर ढाई बजे महापौर सुरेंद्र चौहान ने सदन की कार्यवाही जैसे ही शुरू की तो कृष्णानगर वार्ड के भाजपा पार्षद बिट्टू कुमार पाना ने कार्यकाल बढ़ाने का विरोध शुरू कर दिया। देखते ही देखते भाजपा के कई पार्षद समर्थन में उतर आए। इसके बाद महिला पार्षदों ने भी नारेबाजी शुरू कर दी। पार्षद बिट्टू कुमार पाना ने संविधान की प्रति उठाकर कहा कि सरकार ने नियमों के खिलाफ जाकर मेयर और डिप्टी मेयर का कार्यकाल बढ़ाया है। महापौर ने कहा कि यह सरकार का फैसला है, इसलिए शांत हो जाओ।
दूसरी ओर भाजपा पार्षद अपनी बात पर अड़े रहे और मामला तीखी बहस में पहुंच गया। इसके बाद महापौर ने दोपहर 2:57 बजे सदन को स्थगित कर दिया। इसके बाद कांग्रेसी पार्षद भी बचत भवन से बाहर चले गए। भाजपा और कांग्रेसी पार्षदों के एक धड़े ने कहा कि सरकार का यह फैसला संविधान और लोकतंत्र की भावना के साथ खिलवाड़ है। सत्तारूढ़ दल के कांग्रेसी पार्षदों ने कहा कि ढाई-ढाई साल का यह रोस्टर सरकार को बरकरार रखना चाहिए। इससे सभी को मौका मिलेगा। पार्षदों ने कहा कि सदन में बहुमत उनके पास है, तो ऐसे में उन्हीं लोगों से ही किसी महिला और पुरुष को यह पद मिलना चाहिए लेकिन सरकार ने जो फैसला लिया है, वह इससे सहमत नहीं हैं। उधर 3:25 बजे महापौर सुरेंद्र चौहान और उप महापौर उमा कौशल समर्थित पार्षदों के साथ दोबारा सदन में लौटे और फिर कार्यवाही शुरू की गई।