प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना(सांकेतिक)
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मंजूर राशि से 20 फीसदी अधिक के बजट का टेंडर लगाया तो केंद्र सरकार इसकी अदायगी नहीं करेगी। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजनाओं में लेटलतीफी के मामले में भारत सरकार ने कड़ा रुख अपना लिया है। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने दो टूक कहा है कि ऐसे में पीएमजीएसआई-तीन में निविदा राशि की एंट्री नहीं होगी। यही नहीं, राज्य सरकार को केंद्र सरकार को निश्चित प्रारूप पर यह भी बताना होगा कि हिमाचल प्रदेश में 20 फीसदी से अधिक यह अंतर क्यों बढ़ गया। केंद्रीय ग्रामीण मंत्रालय की राष्ट्रीय ग्रामीण अवसंरचना विकास एजेंसी (एनआरआईडीए) के महानिदेशक ने प्रधान सचिव लोक निर्माण को एक पत्र भेजा है। एनआरआईडीए से राज्य ने स्पष्टीकरण मांगा है कि स्वीकृत राशि से 20 फीसदी अधिक टेंडर की राशि बढ़ गई तो इसकी एंट्री ऑनलाइन केंद्रीय पोर्टल पर नहीं हो पा रही है।
पत्र के अनुसार यह अनुमान लगाया जाता है कि निविदा की राशि अनुमानित राशि के लगभग होनी चाहिए। समय अधिक हो जाने या किसी विवाद या न्यायिक कारणों से अगर यह खर्च बढ़ जाता है तो इसे राज्य सरकार ही वहन करेगी। अगर प्राप्त हुए टेंडर की राशि केंद्रीय मंत्रालय की ओर से स्पष्ट की हुई धनराशि से ज्यादा हुई तो इसे भी राज्य सरकार को ही वहन करना होगा। इसके लिए मंत्रालय ने एक निश्चित प्रारूप पर स्थिति स्पष्ट करने को कहा है। इसमें स्पष्ट करने को कहा है कि क्या निविदा की राशि मार्केट विश्लेषण के अनुसार तार्किक है कि नहीं। निविदा की राशि बढ़ जाने का कारण लिखने को कहा है। तकनीकी विशिष्टतताओं को भी स्पष्ट करने को कहा गया है कि क्या ये मंजूर विस्तृत परियोजना रिपोर्ट के हिसाब से है या नहीं।