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रविशंकर का वीरभद्र पर तंज, बोले- एजेंट जेल में, प्रिंसिपल बेल पर

Tue, 19 Sep 2017 09:28 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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केंद्रीय कानून व सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि हिमाचल बेमिसाल है लेकिन पहला राज्य है, जिसका मुख्यमंत्री जमानत पर है। वीरभद्र सिंह पर सीबीआई और ईडी के मुकदमों का जिक्र करते हुए उन्होंने तंज कसा कि एजेंट जेल में हैं और प्रिंसिपल बेल पर हैं।
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इससे प्रदेश की गवर्नेंस प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा है कि ये सारे केस मोदी सरकार के केंद्र में सत्ता में आने से पहले के हैं। हिसाब मांगे हिमाचल अभियान के तहत रविशंकर ने सोमवार को शिमला में पत्रकार वार्ता के दौरान मुख्यमंत्री पर ताबड़तोड़ हमले किए। 

हिमाचल सरकार अभी तक नहीं बना पाई डीपीआर

रविशंकर ने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा प्रमाणिक सरकार देगी, जिससे दिल्ली और शिमला के इंजन मिलकर प्रदेश को आगे ले जाएंगे।

उन्होंने कहा कि वीरभद्र सिंह ने अपने हित में कानून के हर पहलू का इस्तेमाल कर लिया है और उसके बाद कोर्ट में चालान पेश होने पर उनको बेल लेनी पड़ी।

सीएम वीर भी हैं और बहादुर भी, लेकिन राज्य में गवर्नेंस नाम की कोई चीज नहीं है। पहाड़ी राज्यों के लिए सड़क संपर्क सबसे अहम है, लेकिन इसकी तरफ ध्यान नहीं है। 

उन्होंने कहा कि केंद्र ने हिमाचल के लिए 61 एनएच स्वीकृत किए लेकिन उनकी अभी तक डीपीआर भी बनाकर नहीं भेजी गई। केंद्र ने डीपीआर के लिए भी 298 करोड़ जारी किए हैं।

प्रदेश में 2623 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग हैं, जिसमें 740 नेशनल हाईवे अथारिटी ऑफ इंडिया के अधीन है। जो सड़कें एनएचएआई के अधीन हैं, केवल उन्हीं पर काम हो रहा है।

उधर, राज्य सरकार के पास 1900 किलोमीटर सड़कों का जिम्मा है, लेकिन डीपीआर तक नहीं बनाई गई। रविशंकर के साथ विधायक सुरेश भारद्वाज, प्रदेश उपाध्यक्ष गणेश दत्त, प्रदेश मीडिया प्रभारी महेंद्र धर्माणी और जिला अध्यक्ष संजय सूद आदि मौजूद रहे। 
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केंद्र देगा एक लाख करोड़ पर प्रदेश में होना चाहिए ईमानदार शासन

रविशंकर ने कहा कि केंद्र सरकार हिमाचल की मदद करना चाहती है, लेकिन प्रदेश सरकार सहयोग लेना नहीं चाहती। 14वें वित्त आयोग में जहां राज्यों का औसत 126 प्रतिशत केंद्रीय फंड बढ़ा, वहीं हिमाचल के लिए 163 प्रतिशत की वृद्धि की है।

13 से 14वें वित्त आयोग में हिमाचल को 1 लाख करोड़ से अधिक की आर्थिक मदद केंद्र ने देनी है, लेकिन इसके लिए प्रदेश में ईमानदार शासन होना चाहिए।

डिजिटलाइजेशन से बचाए 98 हजार करोड़
रविशंकर ने कहा कि केंद्र ने गुड गवर्नेंस के तहत 30 करोड़ गरीबों के जन धन अकाउंट खोले हैं। डिजिटलाइजेशन से अब हर खाते में सब्सिडी, मनरेगा आदि का पैसा सीधा खाताधारक के पास जा रहा है।

2.5 करोड़ फर्जी राशन कार्ड और सवा करोड़ फर्जी गैस कनेक्शन बंद हुए, जिससे सरकार के 98 हजार करोड़ रुपये बचे हैं। उन्होंने कहा कि राजीव गांधी कहते थे कि दिल्ली से एक रुपया भेजते हैं, लेकिन ग्राउंड तक 15 पैसे पहुंचते हैं। मोदी सरकार में 1000 रुपये भेजते हैं और उतने ही ग्राउंड तक पहुंचते हैं।

पूछा- तीन तलाक पर सभी पार्टियां चुप क्यों
रविशंकर ने कहा कि तीन तलाक के मुद्दे पर भाजपा के अलावा कोई भी राजनीतिक दल खुलकर नहीं बोल रहा है। यह केस मोदी सरकार के आने से पहले का है, लेकिन यूपीए ने तो कोर्ट में जवाब तक दाखिल नहीं किया।

यह विषय धर्म का नहीं बल्कि महिलाओं के न्याय, सम्मान और गरिमा से जुड़ा है। मुस्लिम आबादी वाले 22 देश तीन तलाक में बदलाव कर चुके हैं, लेकिन हमारे यहां राजनीतिक दल मौन हैं। 
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