नेपाल के काठमांडू स्थित इंटरनेशनल सेंटर फॉर इंटीग्रेटेड माउंटेन डेवलपमेंट से आए एकलव्य शर्मा ने कहा कि अफगानिस्तान से लेकर म्यांमार तक के इस क्षेत्र को बचाने के लिए जब तक सरकार, आम लोग साथ काम नहीं करेंगे, तब तक हिमालय को बचाना संभव नहीं।
जलवायु परिवर्तन से हिमखंड पिघल रहे हैं और उत्तराखंड की आपदा भी उसी जलवायु परिवर्तन का एक उदाहरण थी। इस अवसर पर सिक्किम के कृषि मंत्री सोमनाथ पौडयाल, हिमाचल के कृषि मंत्री रामलाल मारकंडा और मणिपुर के कृषि मंत्री वी हंगखलियन ने भी अपने विचार रखे।
कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल आचार्य देवव्रत, मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, केंद्रीय कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह समेत कई अन्य प्रदेशों से आए सांसद, विधायक व अधिकारी मौजूद रहे।