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नड्डा बोले, जरा सी भी नैतिकता है तो इस्तीफा दें वीरभद्र

Mon, 23 Nov 2015 05:40 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने हिमाचल के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से नैतिक आधार पर इस्तीफा मांगा है। नड्डा ने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में वीरभद्र सिंह के खिलाफ मनी लॉड्रिंग मामले में तीन राज्यों में छापेमारी की है।
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जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है वीरभद्र सिंह के भ्रष्टाचार के राज खुलते जा रहे हैं। सीबीआई और ईडी की कार्रवाई से वीरभद्र सिंह और उनके परिजनों पर भ्रष्टाचार और कालाधन सफेद करने के आरोप सच साबित हुए हैं। उन्होंने कहा कि हैरानी की बात है कि कांग्रेस पार्टी का शीर्ष नेतृत्व इस मामले पर मौन है।

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने अब तक वीरभद्र सिंह के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है। ऐसा लगता है कि कांग्रेस नेतृत्व वीरभद्र सिंह के भ्रष्टाचार और कालेधन पर अपनी मौन स्वीकृति दे रहा है। भ्रष्टाचार के मामले पर कांग्रेस नेतृत्व का यह मौन कई सवाल भी खड़े कर रहा है।
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क्या कांग्रेस नेतृत्व इसलिए मौन है कि उसे हिमाचल प्रदेश में हुए घोटाले से हिस्सा मिला? हिमाचल प्रदेश की जनता जानना चाहती है कि कांग्रेस नेतृत्व को वीरभद्र सिंह के घोटाले से कितना हिस्सा मिला? केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जनता जानना चाहती है कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी की वह कौन सी मजबूरी है।

जिसकी वजह से वे भ्रष्टाचार के आरोपी वीरभद्र सिंह को मुख्यमंत्री पद से हटाने और कांग्रेस पार्टी से बाहर निकालने का साहस नहीं दिखा पा रहे हैं। दुष्प्रचार में माहिर राहुल गांधी की भ्रष्टाचार पर चुप्पी भी शर्मनाक है। इससे कांग्रेस के दोहरे मापदंड भी उजागर हो गए हैं।

नड्डा ने कहा कि एक बार फिर साबित हो गया है कि टूजी, सीडब्ल्यूजी और आदर्श जैसे बड़े-बड़े घोटाले अंजाम देने वाली कांग्रेस पार्टी भ्रष्टाचार के आरोपियों को संरक्षण देती है। भ्रष्टाचार पर सोनिया और राहुल के मौन रहने का सबसे बड़ा खामियाजा हिमाचल प्रदेश की जनता को उठाना पड़ रहा है।

वीरभद्र सिंह की सरकार कोमा में चली गई है। मुख्यमंत्री अपनी कुर्सी बचाने में लगे हैं। प्रदेश में सभी विकास कार्य ठप हैं। प्रदेश के विकास के लिए केंद्र से जो धनराशि जा रही है उसका भी सही ढंग से इस्तेमाल नहीं हो पा रहा है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी हमेशा ही हिमाचल प्रदेश के विकास के लिए समर्पित रही है।

पार्टी ने पहले जहां हिमाचल प्रदेश को औद्योगिक विकास के लिए विशेष पैकेज दिया वहीं अब फिर राज्य को अधिक वित्तीय मदद उपलब्ध कराई है। दूसरी ओर कांग्रेस के नेता भ्रष्टाचार और कुशासन से हिमाचल प्रदेश को पीछे खींच रहे हैं। जेपी नड्डा ने मांग की है कि वीरभद्र सिंह में जरा सी भी नैतिकता हो तो उन्हें अपने पद से तत्काल इस्तीफा दे देना चाहिए।
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