हिमाचल में सरकारी राशन के डिपुओं में मिलने वाली सस्ती चीनी पर संकट गहरा गया है। केंद्र सरकार ने प्रदेश को मिलने वाली चीनी की सब्सिडी रोक दी है। केंद्रीय आम बजट में सब्सिडी के लिए कोई प्रावधान नहीं किया है।
एकसाथ तीन माह का टेंडर करने वाली प्रदेश सरकार को मजबूरन मार्च माह का ही टेंडर करना पड़ा है। चीनी के संकट को देखते हुए मंत्रिमंडल ने अप्रैल और मई माह की चीनी सब्सिडी अपनी जेब से देने का निर्णय लिया है।
अगस्त माह से प्रदेश के 18.5 लाख परिवारों को महंगे दामों पर बाजार से चीनी खरीदनी पड़ सकती है। इस मसले को प्रदेश सरकार ने केंद्र के समक्ष भी उठाया है, लेकिन अभी असमंजस बरकरार है।
खाद्य आपूर्ति विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव तरुण कपूर ने बताया कि मार्च माह के लिए चीनी का टेंडर किया है। केंद्रीय बजट में चीनी के लिए सब्सिडी न मिलने से यह समस्या हुई है। इस मामले को कैबिनेट बैठक में ले जाया गया था। सरकार ने दो माह के लिए अपने स्तर पर टेंडर करने को मंजूरी दी है।