उन्होंने राज्य से परियोजनाओं की विस्तृत रिपोर्ट भेजने को कहा, ताकि शीघ्र धनराशि जारी हो। पूरी ने योजना के तहत शिमला शहर के सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के स्तरोन्नयन और रिसाव स्थलों को चिह्नित करने को स्वचालित बल्कमीटरिंग प्रणाली स्थापित करने और लगातार प्लगिंग के लिए मंजूरी प्रदान की।
उन्होंने मुख्यमंत्री को विश्वास दिलाया कि सभी परियोजनाएं निर्धारित समय पर आरंभ व पूरी की जाएगी। शिमला में पेयजल संकट दूर करने को जल संवर्धन करने के लिए पीएमओ के हस्तक्षेप का फायदा हिमाचल को मिला है। पीएमओ को भेजी स्टेटस रिपोर्ट को आधार बनाकर राज्य ने शहर के लिए दीर्घकालीन योजना का प्रारूप तय कर भेजा।
सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री के सौंपे प्रस्ताव पर चार जून को केंद्रीय शहरी विकास विभाग में बैठक होगी। एक माह में योजनाओं से संबंधित औपचारिकताएं पूरी कर प्रदेश को फंड जारी होगा और खुद केंद्रीय राज्य मंत्री पुरी शिमला आएंगे।
प्रदेश में शुक्रवार को 7.7 मिलीमीटर बारिश रिकार्ड की गई। शिमला में 8.3 मिलीमीटर बारिश होने से जल स्रोतों में पानी का स्तर बढ़ गया है। इसके अलावा शुक्रवार को हमीरपुर में सबसे
ज्यादा 28, मंडी में 26, सिरमौर में 15.2, कांगड़ा में 14.3, सोलन में 11.7, ऊना में 7.5 और बिलासपुर में 7.3 बारिश रिकार्ड की गई। पहली जून को प्रदेश में सामान्य से 196 फीसदी अधिक बारिश रिकार्ड हुई।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने शनिवार को केंद्रीय पेट्रोलियम और कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्री धमेंद्र प्रधान से नई दिल्ली में मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने एक सप्ताह पहले गृहिणियों के लिए मुफ्त रसोई गैस और चूल्हा देने की हिमाचल गृहिणी सुविधा योजना के बारे में जानकारी दी।
केंद्र की उज्जवला योजना के दायरे में नहीं आने वाले परिवारों को प्रदेश की योजना में शामिल किया जाएगा। केंद्रीय मंत्री ने सीएम को योजना के लिए हरसंभव मदद का आश्वासन दिया है।
सीएम ने उद्यमिता क्षेत्र में प्रदेश सरकार की योजनाओं से भी अवगत करवाया। उद्यमिता के क्षेत्र में स्वावलंबन योजना लांच कर चुकी सरकार स्वरोजगार के क्षेत्र में कुछ और योजनाओं पर कार्य कर रही है।
इस योजना के अलावा कौशल विकास को लेकर जारी योजनाओं के तहत भी सीएम ने केंद्र से अतिरिक्त मदद मांगी है। देर शाम को सीएम की मुलाकात संगठन के केंद्रीय पदाधिकारियों से भी हो सकती है। मुलाकात के दौरान आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर चर्चा होगी।