रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने बीआरओ को निर्देश दिए हैं कि वे सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रोहतांग टनल को तैयार कर जल्द वाहनों के लिए खोलें। उन्होंने कहा कि इससे आम लोगों के अलावा सेना को साल भर बॉर्डर तक पहुंचने में आसानी होगी।
टनल के निरीक्षण के लिए पहुंचीं रक्षा मंत्री के साथ सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत और डीआरडीओ चेयरमैन डॉ. एस क्रिस्टोफर मौजूद रहे। उन्होंने 8.8 किलोमीटर लंबी टनल को गाड़ी में बैठकर बारीकी से देखा। वे साउथ पोर्टल से नॉर्थ पोर्टल तक गईं।
जगह-जगह गाड़ी रोकी गई और उन्होंने नीचे उतरकर टनल की तकनीकी जानकारी ली। रक्षा मंत्री ने विपरीत परिस्थितियों में खुदाई का काम पूरा करने के लिए बीआरओ की पीठ थपथपाई।
रक्षा मंत्री सैन्य अधिकारियों के साथ हेलीकाप्टर से करीब 10.15 बजे मनाली स्थित सासे हेलीपैड पहुंचीं। यहां से वाहन से धुंधी पहुंचीं। सुरक्षा कारणों के चलते लोगों को सोलंगनाला बैरियर से आगे जाने की अनुमति नहीं दी गई।
धुंधी में साउथ से नॉर्थ पोर्टल तक निर्मला सीता रमण ने टनल का जायजा लिया। हिमस्खलन से बचने के लिए बनाई गई स्नो गैलरी और पलचान से धुंधी के लिए बनने वाले पुल का भी उन्होंने निरीक्षण किया। वह सोलंगनाला स्थित बीआरओ कार्यालय भी गईं।
मनाली स्थित सासे संस्थान लंच करने के बाद रक्षा मंत्री दोपहर पौने तीन बजे हेलीकाप्टर से दिल्ली रवाना हो गईं। इस दौरान बीआरओ के लेफ्टिनेंट जनरल संजीव कुमार श्रीवास्तव, मोहन लाल, पीके महाजन, एनएम चंद्र राणा समेत अन्य लोग मौजूद रहे।