भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद सुरेश कश्यप ने कहा कि भारत का आम बजट अमृत काल का बजट है और पूरी दुनिया भारत की ओर देख रही है। इस बार का बजट पूरे भारत के समग्र विकास का बजट है, चाहे वह कृषि भगवानों के लिए हो, महिला सशक्तीकरण हो या बच्चों के उद्धार का मामला हो या भारत के आधारभूत ढांचे को मजबूत करने की बात हो। इस बजट में सभी वर्गों का ख्याल रखा गया है। इस बार मिडिल क्लास के लिए सरकार ने बड़ा फायदा दिया है। इनकम टैक्स में रिबेट लिमिट को बढ़ाकर 5 से 7 लाख कर दिया गया है। साथ ही छूट की सीमा को बढ़ाकर ढाई लाख से तीन लाख कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि ऐसे कई लाभ दिए गए हैं।
गारंटीमुक्त कर्ज की सीमा बढ़ाने और अन्य योजनाओं का भी हिमाचल का लाभ
केंद्र सरकार ने जय किसान जैविक खेती और स्टार्टअप योजना में देश भर में किसानों को 20 लाख करोड़ रुपये के ऋण बांटने का लक्ष्य तय किया है। छोटे और सीमांत किसानों के लिए गारंटी मुक्त कर्ज देने की सीमा को भी एक लाख रुपये से बढ़ाकर 1.6 लाख कर दिया है। पीएम मत्स्य पालन योजना में मछली पालन के लिए 6,000 करोड़ रुपये का प्रबंध किया जा रहा है। इसका भी प्रदेश के कृषकों को लाभ होगा।
पीएम आवास योजना का भी होगा हिमाचल को लाभ
- पीएम आवास योजना में 79 हजार करोड़ रुपये के कर्ज बटेंगे तो इसका भी हिमाचल को लाभ होगा।
उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि केंद्रीय बजट से काफी उम्मीद थी। केंद्र सरकार ने हिमाचल को को नहीं मिला जम्मू-कश्मीर और देश के पूर्वोत्तर राज्यों की तर्ज पर विशेष औद्योगिक पैकेज नहीं दिया।
मंत्री ने कहा कि प्रदेश में बागवानों, किसानों के लिए कुछ नहीं है और कि सी भी वर्ग को कोई राहत नहीं दी है। प्रदेश में नेशनल हाईवे और रेल के लिए कुछ नहीं किया।
केंद्रीय बजट निराशाजनक: अनिरुद्ध
प्रदेश के ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि केंद्रीय निराशाजनक रहा। ग्रामीण विकास विभाग के लिए धनराशि रखी है परंतु इसे किस पर खर्च किया जाएगा, यह जिक्र नहीं है। इसके अलावा प्रदेश में बुनियादी ढांचे और रोपवे लिए कोई बजट प्रावधान नहीं किया।