सैहब कर्मचारी यूनियन बोली, कूड़ा उठाने वालों को छुट्टियां तक नहीं
शहर में अगले हफ्ते से ठप हो सकती है सफाई व्यवस्था अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी में अगले हफ्ते से सफाई व्यवस्था ठप हो सकती है। सफाई का जिम्मा संभाल रहे सैहब सोसायटी के 800 से ज्यादा कर्मचारियों ने दस जुलाई को निगम प्रशासन के फैसलों के खिलाफ धरना प्रदर्शन करने का फैसला लिया है। इसी दिन हड़ताल पर जाने का भी ऐलान किया जाएगा।
सैहब सोसायटी के कर्मचारी बीते हफ्ते गवर्निंग बॉडी की बैठक में हुए फैसलों से नाराज हैं। बैठक में लिए फैसलों की प्रतिलिपि शुक्रवार को जैसे ही यूनियन को मिली कर्मचारी भड़क गए। यूनियन ने बैठक बुलाकर फैसला लिया कि दस जुलाई को नगर निगम प्रशासन के खिलाफ सीटीओ चौक पर प्रदर्शन किया जाएगा। यूनियन का कहना है कि गर्वनिंग बॉडी की बैठक में सिर्फ दफ्तर में तैनात कर्मचारियों को फायदा पहुंचाने वाले फैसले लिए हैं। एक साल पहले रखे तीन आउटसोर्स कर्मचारियों की गुपचुप तनख्वाह बढ़ा दी है।
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यूनियन अध्यक्ष जसवंत सिंह ने कहा कि जो कर्मचारी रोज कूड़ा उठाते हैं, उनके लिए कोई फैसला नहीं लिया। आउटसोर्स आधार पर सौ से ज्यादा कर्मचारी कूड़ा उठा रहे हैं, उनकी तनख्वाह बेहद कम है। यदि दफ्तर में बैठे कर्मचारियों की तनख्वाह बढ़ानी थी तो इनकी तनख्वाह भी बढ़ा देते। कहा कि बैठक में कर्मचारियों की छुट्टियाें, खाली पद भरने और पदोन्नति जैसे प्रस्तावों पर कोई फैसला नहीं हुआ जिससे कर्मचारी निराश हैं। कार्यालय सहायक राजवंती ने भी पदोन्नति न मिलने पर सवाल उठाए हैं। कहा कि तेरह साल बाद भी उन्हें प्रमोशन नहीं मिला है।
सालाना वेतन वृद्धि भी नहीं मिली
कर्मचारियों का कहना है कि नगर निगम ने हर साल अप्रैल में होने वाली दस फीसदी की वेतन वृद्धि अभी तक जारी नहीं की है। इससे कर्मचारियों में रोष है। दूसरी ओर अब गवर्निंग बॉडी की बैठक में मनमाने फैसले लिए जा रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि जुलाई माह में एरियर के साथ वेतनवृद्धि लागू की जाएगी।