बेरोजगार संघ की आपातकालीन बैठक प्रदेश अध्यक्ष देव राज कोशल और उपाध्यक्ष विजय सिंह की अध्यक्षता में हुई। इसमें संघ ने प्रदेश में भाजपा सरकार को बेरोजगार विरोधी करार दिया।
संघ के उपाध्यक्ष विजय सिंह ने सरकार पर आरोप लगाया कि कमीशन और बैचवाइज के माध्यम से सरकारी स्कूलों में अपनी सेवाएं दे रहे अध्यापकों को 17 हजार रुपये और चोर दरवाजे से हुई पीटीए, पैरा और एसएमसी भर्तियों के माध्यम से स्कूलों में सेवाएं दे रहे 35 हजार रुपये दिए जा रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले एक साल में कैबिनेट की जितनी भी बैठकें हुईं, उनमें मुख्यमंत्री ने हर बार चोर दरवाजे से हुई भर्तियों को कैसे रेगुलर किया जाए, इस पर ही रणनीति बनाई है।
प्रदेश के सरकारी स्कूलों में हजारों पद खाली पड़े हैं, लेकिन माननीय हाईकोर्ट के दिशा निर्देश के बावजूद बैकलॉग और खाली पदों को भरने में सरकार नाकाम रही है। संघ के सभी सदस्यों ने मांग की है कि प्रदेश की सरकारी सेवाओं में अनुबंध सिस्टम को खत्म किया जाए और पुरानी पेंशन बहाल की जाए।
इसके अलावा विधायकों और संसद सदस्यों की पेंशन को तुरंत प्रभाव से बंद किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसा नहीं होता है तो लोकसभा चुनाव में बीजेपी को समर्थन नहीं दिया जाएगा।
बैठक में प्रेस प्रवक्ता मनीष डोगरा, कोषाध्यक्ष स्वरूप कुमार, विनी पठानिया, प्रवीण चौधरी, मोहित, सचिन डोगरा, कुलदीप, अजय पठानिया, सुनील, दीपा चौधरी, पंकज, संदीप चौधरी, सुमन बाला, संदीप, कुलदीप मनकोटिया और सुप्रिया आदि मौजूद रहे।