लोकसभा चुनाव के दौरान हमीरपुर संसदीय क्षेत्र में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। हाईकमान ने कांग्रेस के बेलगाम नेताओं को बाहर का रास्ता दिखाने की तैयारी कर ली है। बेलगाम नेताओं पर नकेल कसने को हाईकमान ने हमीरपुर संसदीय क्षेत्र में तीन पर्यवेक्षक तैनात किए हैं। हाईकमान ने प्रदेश प्रभारी रजनी पाटिल और प्रदेशाध्यक्ष कुलदीप राठौर से कहा है कि अनुशासनहीन नेताओं को तुरंत पार्टी से बाहर किया जाए। लोकसभा चुनाव से पहले भी इन नेताओं को बाहर किया जाना है तो इसमें भी संकोच न करें।
पार्टी सूत्रों के अनुसार हमीरपुर संसदीय क्षेत्र के तीन जिलों बिलासपुर, ऊना और हमीरपुर में इन पर्यवेक्षकों की तत्काल प्रभावी से तैनाती कर दी है। दिल्ली साउथ एक्स के पूर्व मेयर श्याम सुंदर बिलासपुर में लगाए गए हैं। ऊना जिले में पंजाब के पूर्व विधायक सतेंद्र सिंह और हमीरपुर में रोहतक के पूर्व मंत्री करण दलाल की तैनाती की गई है। हाईकमान ने कहा है कि लोकसभा चुनाव के दौरान पार्टी के कई नेता पार्टी हित में काम नहीं कर रहे हैं।
ऐसे नेताओं के खिलाफ कड़े फैसले लेने से भी संकोच न किया जाए। इन पर्यवेक्षकों से कहा गया है कि अनुशासनहीन नेताओं के खिलाफ कदम उठाने के लिए सिर्फ प्रभारी रजनी पाटिल और प्रदेशाध्यक्ष कुलदीप से मामला उठाया जाए। पार्टी हित में अगर जरूरी है तो ऐसे नेताओं को चुनाव से पहले भी कांग्रेस से बाहर का रास्ता दिखाया जाए। लोकसभा चुनाव के बाद भी कोई नेता पार्टी से बाहर किया जाना है तो उस पर भी कड़ी कार्रवाई की जाए।
पार्टी नेता पर उद्योगपतियों से उगाही का मामला गरमाया
हमीरपुर संसदीय क्षेत्र के एक वरिष्ठ नेता पर बद्दी के उद्योगपतियों से 19 लाख की उगाही का मामला भी गरमा गया है। बताते हैं कि पार्टी फंड के नाम पर उक्त नेता ने बद्दी के उद्योगपतियों से उगाही तो कर ली, परंतु यह राशि आगे नहीं दी। इस मामले पर भी हाईकमान ने कड़ा नोटिस लिया है।