बजट और योजना
परियोजना की संभावनाओं का आकलन करने के लिए विशेषज्ञों की टीम तैयार की जाएगी। अगर योजना व्यावहारिक पाई गई, तो इसे केंद्र सरकार की सेतु भारतम योजना के तहत बजट के लिए प्रस्तावित किया जाएगा। परियोजना पर कई सौ करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है।
पर्यावरण और तकनीकी का संतुलन
इस परियोजना में पर्यावरणीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए जर्मन तकनीक का उपयोग किया जाएगा, जो उन्नत और टिकाऊ है। यह परियोजना केवल एक पुल निर्माण तक सीमित नहीं होगी, बल्कि यह बिलासपुर के पुनरुत्थान की कहानी लिखेगी। अगर यह परियोजना धरातल पर उतरती है, तो यह न केवल हिमाचल प्रदेश बल्कि पूरे देश के लिए एक मिसाल बन जाएगी।
अगर लुहणू से गोबिंद सागर झील के नीचे अंडरवाटर टनल पुल बनाया जाता है, तो यह परियोजना शहर के लिए एक वरदान साबित होगी। इसकी संभावनाएं तलाशने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि अभी यह परियोजना तय नहीं है। संभावनाएं बनीं तो इस पर कवायद शुरू होगी।-राजेश धर्माणी, तकनीकी शिक्षा मंत्री