हिमाचल प्रदेश के नाहन में जन्मे राज बावा की गेंदबाजी और बल्ले ने कई रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए। अंडर-19 क्रिकेट विश्व कप में बावा ने भारतीय टीम को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई। पहले गेंदबाजी करते हुए बावा ने इंग्लैंड के पांच विकेट झटके, उसके बाद विपरीत परिस्थितियों में बल्लेबाजी करते हुए 35 रनों का योगदान भी दिया, जिसके चलते भारतीय टीम ने अंडर-19 क्रिकेट विश्व कप में इंग्लैंड की टीम को चार विकेट से हराकर रिकॉर्ड पांचवीं बार फाइनल जीता।
बावा फाइनल मुकाबले में मैन ऑफ द मैच रहे। बावा की पारिवारिक पृष्ठभूमि भी खेल से रही है। उनके पिता सुखविंद्र बावा चंडीगढ़ में वरिष्ठ कोच हैं। वह युवराज सिंह को भी कोचिंग दे चुके हैं। उनके दादा त्रिलोचन बावा 1948 के ओलंपिक में इंग्लैंड के खिलाफ स्वर्ण पदक हासिल करने वाली भारतीय हॉकी टीम का हिस्सा रहे। विश्व कप के दौरान यूगांडा के खिलाफ ग्रुप मैच में बावा 162 रन बनाकर सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर बनाने वाले बल्लेबाज बने थे।