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अंडर-19 विश्व कप: हिमाचल के बेटे राज बावा रहे भारत की खिताबी जीत के हीरो

Sun, 06 Feb 2022 09:46 PM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, नाहन (सिरमौर)

सार

राज बावा की पारिवारिक पृष्ठभूमि भी खेल से रही है। उनके पिता सुखविंद्र बावा चंडीगढ़ में वरिष्ठ कोच हैं। वह युवराज सिंह को भी कोचिंग दे चुके हैं। राज के दादा त्रिलोचन बावा 1948 के ओलंपिक में इंग्लैंड के खिलाफ स्वर्ण हासिल करने वाली भारतीय हॉकी टीम का हिस्सा रहे। राज को भी खेल विरासत में मिला है।
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राज बावा - फोटो : अमर उजाला
हिमाचल प्रदेश के नाहन में जन्मे राज बावा की गेंदबाजी और बल्ले ने कई रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए। अंडर-19 क्रिकेट विश्व कप में बावा ने भारतीय टीम को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई। पहले गेंदबाजी करते हुए बावा ने इंग्लैंड के पांच विकेट झटके, उसके बाद विपरीत परिस्थितियों में बल्लेबाजी करते हुए 35 रनों का योगदान भी दिया, जिसके चलते भारतीय टीम ने अंडर-19 क्रिकेट विश्व कप में इंग्लैंड की टीम को चार विकेट से हराकर रिकॉर्ड पांचवीं बार फाइनल जीता।

बावा फाइनल मुकाबले में मैन ऑफ द मैच रहे।  बावा की पारिवारिक पृष्ठभूमि भी खेल से रही है। उनके पिता सुखविंद्र बावा चंडीगढ़ में वरिष्ठ कोच हैं। वह युवराज सिंह को भी कोचिंग दे चुके हैं। उनके दादा त्रिलोचन बावा 1948 के ओलंपिक में इंग्लैंड के खिलाफ स्वर्ण पदक हासिल करने वाली भारतीय हॉकी टीम का हिस्सा रहे। विश्व कप के दौरान यूगांडा के खिलाफ ग्रुप मैच में बावा 162 रन बनाकर सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर बनाने वाले बल्लेबाज बने थे।
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बचपन में कपिल देव के साथ बावा। - फोटो : संवाद
उन्होंने इस मैच में शिखर धवन का 18 साल पुराना रिकॉर्ड भी तोड़ा। धवन ने 2004 के अंडर-19 विश्व कप में ढाका में 155 रन बनाए थे। अब इंग्लैंड के खिलाफ खिताबी मुकाबले में पांच विकेट लेने वाले वह पहले भारतीय बन गए।


 
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अपने पिता के साथ राज बावा। - फोटो : संवाद
राज बावा बचपन से ही चंडीगढ़ में परिवार के साथ रहते हैं। 19 साल के बावा का जन्म 12 नवंबर 2002 में हिमाचल प्रदेश के नाहन में हुआ। हालांकि, उनका यहां कोई घर नहीं है। राज के जन्म लेने के बाद ही उनका परिवार चंडीगढ़ चला गया।



 

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बचपन में राज बावा। - फोटो : संवाद
बताया जा रहा है कि राज के पिता 22 साल की उम्र में ही क्रिकेट कोच बन गए थे। चोटिल होने के कारण वह खेल नहीं सके। जानकारी के अनुसार सिरमौर जिला ने करीब 10 साल पहले एक बार अंतर जिला क्रिकेट स्पर्धा जीती थी, उस समय राज के पिता सुखविंद बावा सिरमौर टीम के क्रिकेट कोच थे।

 
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क्रिकेटर हरभजन सिंह के साथ बावा। - फोटो : संवाद
सिरमौर क्रिकेट एसोसिएशन के आग्रह पर वह सिरमौर टीम को प्रशिक्षित करने नाहन आए थे। बेटे को भी बचपन से घर में ही क्रिकेट का माहौल मिला। सुखविंद्र बावा का पुश्तैनी घर जिला फिरोजपुर (मोगा) पंजाब में है, लेकिन वह कई सालों से चंडीगढ़ में ही रह रहे हैं। 
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