विदेशों से आयात सेब की पौध के नाम पर बागवानों को खूब लूटा जा रहा है। यह पौध प्रमाणित नहीं है। एक पौधे का दाम पांच सौ से एक हजार तक वसूला जा रहा है। विदेशी सेब की वैरायटी फैदर प्लांट के नाम पर चल रही नर्सरी गैर प्रमाणित है। इसमें कई सरकारी विभाग के विशेषज्ञ भी गुप्त तरीके से इन कारोबारियों का पूरा सहयोग कर रहे हैं।
सोशल मीडिया पर इसका खूब प्रचार हो रहा है। जबकि, सरकार पहले ही नर्सरी एक्ट को लागू करने का दावा कर चुकी है। इसके तहत पंजीकृत नर्सरी से बाहर पौधे नहीं बेचे जा सकते। बिना पंजीकरण पौधे बेचने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है। इन पौधों के खरीदारों को कोई बिल नहीं दिए जा रहे।
विज्ञान केंद्र रोहडू के प्रभारी एवं बागवानी विशेषज्ञ डॉ नरेंद्र कायथ का कहना है कि बागवान प्रमाणित नर्सरी से पौधे खरीदें। पौधे की खरीद के समय उसका पक्का बिल जिस पर वैरायटी और दाम लिखा हो, जरूर साथ लें। उन्होंने बागवानों को सलाह दी है कि सड़क के किनारे बिक रहे पौधों को बिल्कुल न खरीदें। बागवान नई वैरायटी के नाम पर मनमाने दाम वसूलने वालों की सरकार के पास लिखित में शिकायत करें।