रातोंरात करोड़पति बने संजीव ने बताया कि वह लोगों के घरों में पेंट व सफेदी कर अपने परिवार का गुजारा करते हैं। उनके परिवार में एक बेटी, एक बेटा, पत्नी और माता हैं। उन्होंने लॉटरी टिकट खरीदते समय नहीं सोचा था कि इतना बड़ा ईनाम निकलेगा।
जब लॉटरी वाले का फोन आया तो खुशी का ठिकाना नहीं था। फिलहाल उन्होंने नहीं सोचा कि इस पैसे का क्या करेंगे, लेकिन चौथी में पढ़ने वाली बेटी और छठी कक्षा में पढ़ने वाले बेटे की शिक्षा पर जरूर इसे खर्च करेंगे।