प्रदेश में दिव्यांगों के अधिकारों के लिए कार्य कर रही स्वयंसेवी संस्था उमंग फाउंडेशन ने राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए है। फाउंडेशन के अध्यक्ष अजय श्रीवास्तव ने आरोप लगाया कि पिछले पांच साल में सरकार ने इनके हालात में बदलाव को ठोस कदम नहीं उठाए।
संसद में पारित नए विकलांगता कानून को राज्य में लागू नहीं किया गया। हाईकोर्ट के आदेशों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई गईं। दिव्यांगों को शिक्षा और नौकरियों में आरक्षण नहीं दिया जा रहा है।
थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों को नए कानून के अंतर्गत दिव्यांगों की श्रेणी में रखा गया है, लेकिन सरकार ने उन्हें अभी तक कोई सुविधा नहीं दी है। अंतरराष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस से एक दिन पूर्व अजय श्रीवास्तव ने ये मामला पत्रकार वार्ता में उठाया।
उमंग फाउंडेशन ने राज्यपाल आचार्य देवव्रत को भी मांगपत्र भेजा है। इस दौरान प्रदेश विवि में उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे दिव्यांग विद्यार्थियों में मुस्कान ठाकुर, मुकेश कुमार, अनुज कुमार, मोहित कपूर, सवीनाजहां, सतीश ठाकुर, अंजू वीरवानी आदि मौजूद थे।