प्रदेश के कॉलेजों में तैनात असिस्टेंट प्रोफेसरों को विभागीय परीक्षा पास करने पर ही पे बैंड का लाभ मिलेगा। सरकार ने यूजीसी स्केल की कॅरिअर एडवांसमेंट स्कीम का लाभ देने के लिए नई शर्त लगाई है।
अब एक साल के भीतर विभागीय परीक्षा पास नहीं करने पर असिस्टेंट प्रोफेसरों को मिल रही पे बैंड की ग्रांट बंद कर दी जाएगी। सरकार ने कॉलेज प्रिंसिपलों को नई व्यवस्था का सख्ती से पालन करने के आदेश दिए हैं।
अतिरिक्त मुख्य सचिव शिक्षा एजेवी प्रसाद ने स्पष्ट किया है कि कॉलेजों में नियमित आधार पर नियुक्त असिस्टेंट प्रोफेसरों को विभागीय परीक्षा पास करने पर ही पे बैंड टू और पे बैंड थ्री दिए जाने की व्यवस्था है। जिन असिस्टेंट प्रोफेसरों ने यह परीक्षा पास नहीं की है, उन्हें एक साल का समय दिया जा रहा है।
एक साल के भीतर जो असिस्टेंट प्रोफेसर इस परीक्षा को पास नहीं करता है या परीक्षा नहीं देता है तो यूजीसी स्केल की कॅरिअर एडवांसमेंट स्कीम के तहत मिलने वाली ग्रांट को बंद कर दिया जाएगा। उन्होंने सभी कॉलेज प्रिंसिपलों को आदेश जारी किए हैं कि किसी भी असिस्टेंट प्रोफेसर को विभागीय परीक्षा पास किए बिना पे बैंड फोर का लाभ नहीं दिया जाए।
पे बैंड फोर के तहत असिस्टेंट प्रोफेसरों को 37400-67000 का पे बैंड और 9000 रुपये वार्षिक ग्रेड पे दी जाती है। पे बैंड टू के तहत पे बैंड 15600-39100 और वार्षिक ग्रेड पे 7000 रुपये तथा पे बैंड थ्री के तहत पे बैंड 15600-39100 और वार्षिक ग्रेड पे 8000 रुपये है।