कोर्ट की टिप्पणी, आरोप परिकल्पना पर आधारित, स्वतंत्र गवाह नहीं संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। जिला अदालत ने महिला से अभद्रता और धमकी देने के एक मामले में दो आरोपियों के खिलाफ दोष सिद्ध नहीं होने पर बरी कर दिया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट संदीप सिंह सिहाग की अदालत ने यह फैसला सुनाया।
मामला राजधानी के सदर थाना क्षेत्र में 31 अगस्त 2020 में पंजीकृत हुआ था। शिकायतकर्ता के मुताबिक वह अपने पति और बच्चों के साथ लोअर बाजार गई थी। सामान खरीदने के बाद बच्चों को वापस घर भेज दिया था, जब वह अपने पति के साथ सुनार की दुकान की ओर जा रही थी तो रास्ते में अनिकेत और उसका दोस्त उससे छेड़खानी करने लगा। पति के विरोध करने पर उन्होंने उसके साथ मारपीट कर धमकी दी। सूचना मिलने पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। आरोपों को साबित करने के लिए अभियोजन पक्ष ने चार गवाहों की जांच की लेकिन पर्याप्त सबूत न होने पर अदालत ने अनिकेत हंस, निवासी मकान नंबर 119, लव कुश चौक कृष्णा नगर और विशाल निवासी रुल्दुभट्ठा शिमला ग्रामीण निवासी को आईपीसी की धारा 509 और 506, 34 के तहत दंडनीय अपराध से बरी कर दिया। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष द्वारा पेश की गई परिकल्पना पीड़िता और उसके पति की गवाही पर आधारित है, लेकिन किसी भी स्वतंत्र गवाह ने इसकी पुष्टि नहीं की। इसके साथ बिना जांच के पुलिस ने घटनास्थल से किसी भी स्वतंत्र गवाह को जोड़ने का कोई प्रयास नहीं किया।