प्रदेश की जनसंख्या करीब 70 लाख है जिसमें आयुष्मान और हिम केयर योजना का लाभ मात्र 22 लाख लोगों को हुआ है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि प्रदेश में जो भी इस योजना से नहीं जुड़े हैं, वे जनवरी से योजना का लाभ उठाने को आवेदन कर सकते हैं।
रोगियों की सुविधा पर 100 करोड़ से ज्यादा खर्च
प्रदेश के रोगियों के लिए स्वास्थ्य विभाग और मुख्यमंत्री राहत कोष का सौ करोड़ से भी ज्यादा खर्च हो चुका है। मुख्यमंत्री ने लोगों से राय मांगी है कि स्वास्थ्य विभाग की कमियों को दूर करने के लिए कोई बेहतर योजना हो तो वे उसे सीएम हेल्पलाइन नंबर पर भी बता सकते हैं। स्वास्थ्य विभाग के जरिये भी सरकार को सूचित कर सकते हैं।