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आयुष्मान योजना से प्रदेश के 22 लाख लोगों को लाभ मिला: जयराम

Mon, 23 Sep 2019 07:33 PM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
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- फोटो : अमर उजाला
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आयुष्मान भारत योजना का एक साल पूरा होने पर आईजीएमसी शिमला में कार्यक्रम हुआ। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर मुख्य अतिथि थे। कहा गया कि आयुष्मान योजना से प्रदेश के 22 लाख लोगों को लाभ मिला है। स्वास्थ्य मंत्री विपिन परमार ने कहा कि आयुष्मान योजना गरीब लोगों के लिए संजीवनी का कार्य कर रही है। हिम केयर योजना से लोगों को ज्यादा फायदा हो रहा है। 

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मुख्यमंत्री ने कहा कि चिकित्सा अधिकारी लोगों को आयुष्मान कार्ड के बारे में जागरूक करें। कहा कि अब तक 50 करोड़ लोगों को स्वास्थ्य बीमा योजना में लाया गया है। प्रदेश के 22 लाख लोगों को लाया जा चुका है। राज्य में अब तक इस योजना में 31 करोड़ रुपये व्यय हुए हैं। अब तक छह करोड़ 42 लाख परिवारों को पंजीकृत किया गया है। योजना के तहत उपचार पर 37 करोड़ खर्च हो चुके हैं।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि प्रदेश में आयुष्मान भारत योजना के तहत 7.78 लाख से अधिक लोगों के गोल्डन कार्ड बनाए गए हैं। मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष के तहत भी अब तक 4 करोड़ रुपये की राशि व्यय की जा चुकी है। मुख्यमंत्री राहत कोष से भी गरीब रोगियों के उपचार को 30 करोड़ दिए गए हैं। इस दौरान प्रदेश के अस्पतालों के एमएस और सीएमओ को भी सम्मानित किया गया।
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अतिरिक्त मुख्य सचिव आरडी धीमान और विशेष सचिव स्वास्थ्य डॉ निपुण जिंदल, निदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ. रवि चंद्र शर्मा, निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं डा. अजय गुप्ता, प्रधानाचार्य आईजीएमसी डा. मुकुंद , मेडिकल कॉलेज टांड़ा के प्रधानाचार्य डॉ. भानु अवस्थी, आईजीएमसी के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डा. जनक राज और प्रदेश के विभिन्न जिला के मख्य चिकित्सा अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

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जनवरी से बनेंगे आयुष्मान कार्ड 

प्रदेश की जनसंख्या करीब 70 लाख है जिसमें आयुष्मान और हिम केयर योजना का लाभ मात्र 22 लाख लोगों को हुआ है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि प्रदेश में जो भी इस योजना से नहीं जुड़े हैं, वे जनवरी से योजना का लाभ उठाने को आवेदन कर सकते हैं।

रोगियों की सुविधा पर 100 करोड़ से ज्यादा खर्च 
प्रदेश के रोगियों के लिए स्वास्थ्य विभाग और मुख्यमंत्री राहत कोष का सौ करोड़ से भी ज्यादा खर्च हो चुका है। मुख्यमंत्री ने लोगों से राय मांगी है कि स्वास्थ्य विभाग की कमियों को दूर करने के लिए कोई बेहतर योजना हो तो वे उसे सीएम हेल्पलाइन नंबर पर भी बता सकते हैं। स्वास्थ्य विभाग के जरिये भी सरकार को सूचित कर सकते हैं।
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