सुबह दुर्घटना में घायल एक युवक किसी तरह नेरवा पांवटा मार्ग पर पहुंचा। वहां फेडिजपुल की तरफ से आ रहे एक वाहन में लिफ्ट लेकर अपने घर द्वाड़ा पहुंचा। घायल युवक के परिजनों ने शनिवार सुबह साढ़े पांच बजे दुर्घटना की सूचना नेरवा थाने में दी।
पुलिस दल जब तक दुर्घटना स्थल पर पहुंचा, तब तक गाड़ी चालक व एक अन्य युवक की मौत हो चुकी थी। मृतकों की पहचान बवेश (23) पुत्र स्वर्गीय सोहन सिंह गांव कयरला डाकघर केदी तहसील नेरवा और वीरेंद्र (20) वर्ष पुत्र नीम बहादुर, निवासी राणाक्यार डाकघर केदी के रूप में हुई ।
सुरेश (20) पुत्र राम सिंह निवासी द्वाड़ा, डाकघर केदी घायल हुआ है। नायब तहसीलदार नेरवा मोहि राम चौहान ने प्रशासन की तरफ से मृतकों के परिजनों को दस-दस हजार और घायल को पांच हजार रुपये की फौरी राहत दी गई है। डीएसपी चौपाल संतोष शर्मा ने बताया कि दुर्घटना की जांच चल रही है।
नौ माह पहले दुर्घटना में पति खोया और अब सगरोठी में हुए कार हादसे में पिंकी का इकलौता बेटा छिन गया। नौ माह पूर्व गुम्मा बस हादसे में 19 अप्रैल को पिंकी के पति सोहन सिंह, पुत्री शकुंतला व नातिन दिव्या की मौत हो गई थी। अब हादसे ने पिंकी के मन में खौफ पैदा कर दिया था।
वह जब भी हादसे के बारे में सुनती थी तो बेसुध हो जाती थी। पिंकी का बेटा बवेश उसका एक मात्र सहारा बचा था। बवेश निजी गाड़ी चलाता था। हादसे से खौफजदा पिंकी अपने बेटे को चालक का कार्य छोड़ देने को कहती रहती। लेकिन वह अपनी मां की बात को नहीं मान रहा था।
पिंकी कभी भी बेटे के घर पहुंचने तक भोजन नहीं खाती थी। पिंकी इतनी बेसुध हो गई कि कार हादसे को सच नहीं मान रही है। उसको अभी विश्वास नहीं हो रहा कि उसका बेटी अब दुनिया में नहीं है।
घर में रिश्तेदारों व गांव के लोगों को देखकर पिंकी बार-बार पूछ रही कि उसका बेटा बवेश कब लौट रहा है। बेसुध माता को देखकर घर में पहुंच रहे हर व्यक्ति की आंखें नम हो रही हैं। युवा का अंतिम संस्कार शनिवार को उसके गांव में किया गया।