प्रदेश मिल्कफेड के प्रबंध निदेशक भूपेंद्र कुमार अत्री ने कहा कि दूध एकत्रित करने के लिए मिल्कफेड जल्द ही मंडी और दत्तनगर में दो नए प्लांट लगाएगा। इन प्लांट के माध्यम से ज्यादा से ज्यादा दूध एकत्रित कर दुग्ध उत्पादकों और उपभोक्ताओं को सुविधा होगी।
अत्री पालमपुर कृषि विश्वविद्यालय में आयोजित प्रदेश राज्य सहकारी दुग्ध उत्पादक प्रसंघ समिति के 25वें वार्षिक अधिवेशन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अब दुग्ध उत्पादक समितियों की संख्या 42 हजार से बढ़ कर साढ़े 42 हजार हो गई है।
दूध की गुणवत्ता जांचने के लिए विभिन्न ग्रामीण डेयरी समितियों में स्वचालित दुग्ध संचय इकाइयां लगाई जाएंगी। अधिवेशन में प्रदेश मिल्कफेड के अध्यक्ष निहाल चंद शर्मा विशेष रूप से मौजूद थे।
इससे पूर्व अधिवेशन में आए लोगों की दूध में होने वाली आर्थिकी को मजबूत करने पर बल दिया गया। दूध के व्यापार को बढ़ाने, प्रदेश में दूध उत्पादकों की आर्थिकी को मजबूत करने और दूध की गुणवत्ता बढ़ाने पर विस्तार से चर्चा की गई।
इस मौके पर निदेशक मंडल के सदस्यों समेत प्रदेशभर से विभिन्न समितियों के लगभग 200 प्रधान और सचिवों ने भाग लिया। प्रबंध निदेशक ने कहा कि 2017-18 में दुग्ध प्रसंघ की र्टन ओवर 106 करोड़ 35 लाख रही, जबकि 2017-18 में दुग्ध उत्पादकों को 57.19 का वर्षिक भुगतान किया गया।