पवित्र मणिमहेश यात्रा पर निकले दो श्रद्धालुओं की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। दोनों के शवों को पुलिस ने कब्जे में ले लिया है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए जाएंगे।
मौत के पीछे रहे कारणों का भी पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद पता चल सकेगा। मृतकों में एक जम्मू-कश्मीर जबकि दूसरा उत्तर प्रदेश का है। अब तक यात्रा के दौरान कुल आठ श्रद्धालुओं की जान जा चुकी है।
पुलिस के अनुसार जम्मू-कश्मीर के बरौर डुमणू घार निवासी चंदू राम (55) और उत्तर प्रदेश इलाहाबाद निवासी रमेश कुमार (50) की मणिमहेश जाते समय रास्ते में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई।
रास्ते में ही तोड़ा दम
बताया जा रहा है कि रमेश कुमार के साथ उसकी पत्नी भी यात्रा पर आई हुई थी जबकि चंदू राम अपने अन्य साथियों के साथ यात्रा पर आया था। चंदू राम को सुंदरासी क्षेत्र में पहुंचते ही सीने में तेज दर्द हुआ।
इस दौरान उसके अन्य साथी उससे काफी आगे निकल गए थे तथा कुछ उससे पीछे चल रहे थे। पीछे चल रहे साथियों ने जब चंदू राम को बेसुध पड़े देखा, तो चंदू राम ने सीने में तेज दर्द की बात कही।
स्वास्थ्य शिविर में उसका उपचार भी किया गया, लेकिन सफलता न मिली। चंदू ने वहीं दम तोड़ दिया।
पत्नी के साथ आए रमेश की भी मौत
रमेश कुमार को सुबह यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं ने चढ़ाई पर बेसुध पड़े हुए देखा। इसके बाद इसकी सूचना ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मियों को दी। यात्रा पर निकली रमेश की पत्नी उससे काफी आगे चलते हुए दूर निकल गई थी।
रमेश कुमार के काफी देर तक तक आगे न पहुंचने पर उसकी पत्नी अपने की पति की खोज खबर लेने में जुट गई। कुछ देर बाद वह वापस लौटने लगी, तो कुछ यात्रियों ने उसे बताया कि एक व्यक्ति रास्ते में बेसुध पड़ा है।
जब रमेश की पत्नी उसके पास पहुंची, तो काफी देर हो चुकी थी। स्वास्थ्य शिविर में रमेश को चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। एडीएम लक्ष्मी कांत शर्मा ने दो श्रद्धालुओं की मौत की पुष्टि की है।