2019 में हिमकेयर योजना शुरू हुई
हिमाचल प्रदेश में वर्ष 2019 में हिमकेयर योजना शुरू हुई। केंद्र की आयुष्मान योजना में छूटे लोगों को हिमकेयर में शामिल किया गया। भाजपा सरकार में तीन बार स्वास्थ्य विभाग का जिम्मा अलग-अलग मंत्रियों के पास रहा है। निजी अस्पतालों को सूचीबद्ध करने की फाइलें मंत्रियों तक गई हैं। अब जांच का एक प्रमुख बिंदु यह है कि इन अस्पतालों को किस प्रक्रिया के तहत अनुमति मिली, क्या निर्धारित मानकों का पालन किया गया और बाद में इन संस्थानों को किए गए भुगतान नियमों के अनुरूप थे या नहीं। सूत्रों के अनुसार जांच में उन मामलों पर विशेष फोकस किया जा रहा है, जिनमें निजी अस्पतालों को बड़ी राशि के बिलों का भुगतान किया गया। भुगतान से संबंधित फाइलों, अस्पतालों के दावों, मरीजों के उपचार रिकॉर्ड और विभागीय स्वीकृतियों का मिलान किया जा रहा है। आवश्यकता पड़ने पर तत्कालीन अधिकारियों और अन्य संबंधित व्यक्तियों से भी पूछताछ की जा सकती है।
कई बिंदुओं पर की जा रही है पड़ताल
जांच एजेंसियां इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि कहीं योजना का दुरुपयोग कर फर्जी या बढ़ा-चढ़ाकर दावे तो प्रस्तुत नहीं किए गए। यदि किसी स्तर पर नियमों की अनदेखी या मिलीभगत के प्रमाण मिलते हैं तो संबंधित अधिकारियों, अस्पताल प्रबंधन और अन्य जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। जांच पूरी तरह साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है और किसी भी व्यक्ति की भूमिका मिलने पर उसे जांच के दायरे में लाया जाएगा। हिमकेयर जैसी जनकल्याणकारी योजना में यदि किसी प्रकार की वित्तीय अनियमितता हुई है तो उसकी निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।