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शिमला: चट्टान खिसकने से दो मकान ध्वस्त, चलती गाड़ी पर पत्थर गिरने से एक की मौत, एनएच भी रहा बाधित

Mon, 12 Jul 2021 08:20 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, चौपाल (रोहड़ू)/ठियोग(रामपुर बुशहर)/ज्यूरी

सार

भारी बारिश से हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले में व्यापक नुकसान हुआ है। भूस्खलन से कई जगह मकान ढह गए हैं। वहीं कई जगह सड़कें ठप हो गई हैं। 
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श्मिला जिले में भारी बारिश से तबाही। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले के कई भागों में भारी बारिश ने तबाही मचाई है। उपमंडल चौपाल की तहसील कुपवी की ग्राम पंचायत भालू में भारी बारिश ने कहर बरपा दिया है। लगातार हो रही भारी वर्षा से यहां दो मकान ढह गए हैं। दोनों घरों में करीब 50 कमरे थे। हादसे में पांच परिवार बेघर हो गए हैं। जानकारी के अनुसार क्षेत्र में रविवार रात से लगातार बारिश हो रही थी। इसी दौरान रात को बड़ी चट्टान खिसक गई। इसकी चपेट में आने से दो मकान ढह गए हैं। यह मकान सुंदर सिंह पुत्र हरिराम, नेत्र सिंह और श्याम सिंह पुत्र सुंदर सिंह, जगमोहन पुत्र हरिराम, ज्ञान सिंह पुत्र हरिराम के बताए जा रहे हैं। हादसे में मकान में रखा सारा सामान नष्ट हो गया है।

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हादसे के समय एक व्यक्ति घर में सो रहा था। उसके सिर और बाजू में चोटें आई हैं। प्रधान ग्राम पंचायत भालू दिनेश कुमार, उपप्रधान सुखविंदर सिंह, नंबरदार रमेश चौहान ने प्रशासन से प्रभावित परिवारों को मुआवजा प्रदान करने की मांग की है। घायल की पहचान नरेश कुमार पुत्र श्याम सिंह के तौर पर हुई है। सूचना मिलते ही प्रशासन की टीम मौके के लिए रवाना हो गई है। तहसीलदार कुपवी राजेंद्र कुमार ने घटना की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि घायल नरेश कुमार को पांच हजार रुपये बतौर फौरी राहत प्रदान किए गए हैं। जबकि प्रभावित परिवारों को भी राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है।


वहीं, पुलिस थाना जुब्बल के अंतर्गत झाल्टा संपर्क मार्ग पर कटिंडा के समीप सोमवार सुबह  गाड़ी पर पत्थर गिरने से एक कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसे में एक युवक की मौत हो गई है जबकि दूसरा गंभीर रूप घायल हैं। गाड़ी में दोनों भाई किसी काम से कहीं जा रहे थे, जब रास्ते में यह हादसा हो गया। पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।

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जानकारी के अनुसार सोमवार सुबह करीब आठ बजे कार में सवार होकर दोनों भाई झाल्टा से हाटकोटी की ओर आ रहे थे। इसी बीच कटिंडा के समीप गाड़ी पर पहाड़ी से पत्थर गिर गया। इससे कार अनियंत्रित होकर गहरी खाई में लुढ़क गई। हादसे में दो सगे भाईयों में एक की मौके पर ही मौत हुई है।

स्थानीय लोगों ने हादसे की सूचना पुलिस को दी। पुलिस की टीम ने मौके पर ही पहुंचकर स्थानीय लोगों के सहयोग से हादसे में घायल व्यक्ति और शव को खाई से निकाला। घायल को व्यक्ति को सिविल अस्पताल रोहड़ू से प्राथमिक उपचार के बाद आईजीएमसी शिमला रेफर किया है। मृतक के शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया है। मृतक की पहचान कुलदीप (33) पुत्र जगदीश गांव झाल्टा (जुब्बल) के रूप में हुई है। जबकि मंजीत पुत्र जगदीश गांव झाल्टा (जुब्बल) गंभीर रुप से घायल है। जिला प्रशासन की ओर से मृतक के परिजनों को दस हजार और घायल को पांच हजार रुपये की फौरी राहत दी है। भाजपा आईटी सेल के प्रदेश संयोजक चेतन बरागटा ने हादसे में शोक व्यक्त किया है। एएसपी सुनील नेगी ने बताया कि हादसे में एक व्यक्ति की मौत हुई है। जबकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया है। 

ठियोग में नेशनल हाईवे पर गिरा पेड़, दो घंटे बाधित रहा 

 ठियोग उपमंडल में देर रात शुरू हुई भारी बारिश का दौर सोमवार दोपहर तक जारी रही। इस वजह से शाम करीब चार बजे नेशनल हाईवे-पांच पर देवदार का भारी भरकम पेड़ आ गिरा। इस कारण नेशनल हाईवे पर दो तक वाहनों की आवाजाही बाधित रही।सोमवार को जब ठियोग के समीप नेशनल हाईवे के किनारे यह पेड़ गिरा तो पहले यह बिजली के  तारों में फंसा रहा और इसके कुछ देर बाद एनएच गिरा। इससे हाईवे पर करीब दो घंटे तक वाहनों की आवाजाही बाधित रही। वन विभाग की टीम ने पेड़ को छोटे-छोटे भागों में काटकर सड़क को बहाल किया।

इस दौरान सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। जाम में फंसे नंदलाल शर्मा ने बताया कि वह अपने दोस्त को लेने के लिए शिमला से आए हैं, लेकिन जाम में फंसे रहे। संजीव शर्मा ने बताया कि वह शिमला में रहते हैं और घर का जरूरी सामान लेकर शिमला जा रहे थे। ठियोग से निकलते ही जाम का शिकार होना पड़ा। वन विभाग ठियोग के डीएफओ अशोक नेगी ने बताया कि बिजली घर के पास पेड़ के तारों पर लटक गया है। इसकी सूचना उन्हें मिली तो मौके पर वन विभाग के कर्मियों को भेजकर पेड़ को हटाकर बहाल किया। 
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ब्रौनी खड्ड में आई बाढ़, नेशनल हाईवे सात घंटे रहा बाधित 

बरसात की दस्तक ने रामपुर सहित आसपास के क्षेत्रों में नदी नालों ने कहर बरपाना शुरू कर दिया है। रविवार देर रात से शुरू हुई भारी बारिश के बाद ब्रौनी खड्ड में बाढ़ आने से झाकड़ी केे पास नेशनल हाईवे-5 सात घंटे तक बाधित रहा। पानी के बहाव से सड़क का काफी बड़ा हिस्सा बह गया है। नेशनल हाईवे बाधित रहने से रामपुर और किन्नौर की ओर जाने वाले हजारों लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। यातायात ठप होने से एनएच के दोनों किनारे पर वाहनों की लंबी-लंबी कतार लगी रही।

इससे लोग घंटों फंसे रहे। सूचना मिलते नेशनल हाईवे प्राधिकरण की टीम मौके पर पहुंची और सुबह करीब दस बजे हाईवे को वाहनों की आवाजाही के लिए बहाल किया। यातायात बहाल होने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली। ब्रौनी खड्ड में नाला उफान पर आने से सड़क को काफी नुकसान पहुंचा है। नाले का जलस्तर आने वाले दिनों में और बढ़ता है, तो हाईवे के धंसने का खतरा भी बढ़ जाएगा। 

नेशनल हाईवे प्राधिकरण रामपुर के एक्सईएन किशोरी लाल सुमन ने बताया कि ब्रौनी नाले में अचानक आई बाढ़ से सड़क को काफी नुकसान हुआ है। प्राधिकरण ने तुरंत बड़ी मशीनों का इंतजाम कर एनएच को दुरुस्त कर दस बजे यातायात के लिए बहाल कर दिया था।

गर्मी से लोगों को मिली राहत  
सोमवार को भी रामपुर, किन्नौर सहित कई अन्य क्षेत्रों में दिनभर बारिश का दौर जारी चलता रहा। इससे लोगों को गर्मी से निजात मिल गई है। हालांकि दिनभर बारिश का क्रम जारी रहने से लोगों को आवाजाही में परेशानियां झेलनी पड़ी। 
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