जिला प्रशासन के विशेषकर हिमस्खलन वाले क्षेत्रों में आपदा के समय रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम देने के लिए किए आग्रह के बाद बुधवार को वायु सेना के दो हेलीकाप्टरों ने पांगी घाटी का रुख किया।
उपायुक्त हरिकेश मीणा ने बताया कि वायुसेना के हेलीकाप्टर पांगी घाटी में खराब मौसम के चलते लैंड नहीं कर पाए। कहा कि सेना से हिमस्खलन जैसी प्राकृतिक आपदा के चलते रेस्क्यू में मदद करने के लिए किए गए आग्रह का ही यह उड़ानें हिस्सा थीं।
उन्होंने यह भी कहा कि जिला प्रशासन सेना के साथ निरंतर संपर्क में है। सेना के अधिकारियों के साथ ही विचार-विमर्श किया गया है। जिले के कबायली क्षेत्रों में हिमस्खलन के खतरों को देखते हुए हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है।
इसी के चलते प्रशासन ने अपने स्तर पर प्रयास करना आरंभ कर दिए हैं। हड़सर-गौई तक पैदल मणिमहेश जाने वाले रास्ते, गाहर-दुनेई तरकार-कालावन-तरकार-रानीकोट, किलाड़-गाहर-दुनेई-पांगी, किलाड़-गांगीत-भरवास, चीह-फिडंरू-थमोह-किलाड़ और उदयपुर-सौर-चीह में हिमस्खलनों के खतरों का अंदेशे को
देखते हुए एहतियात को लेकर प्रयास शुरू कर दिए गए हैं। हरिकेश मीणा ने बताया कि 22 फरवरी तक जिले में भारी हिमस्खलन के खतरे को देखते हुए प्रशासन मुस्तैद है।