वैनशीवीर मंदिर के समीप बाइक हादसा दो परिवारों को कभी न भूलने वाले जख्म दे गया है। सड़क हादसे ने दो घरों के चिराग बुझा दिए हैं। हादसे में मारे गए दोनों अपने मां बाप के इकलौते बेटे थे। सुरेंद्र अपना जन्मदिन मनाने ठियोग से घर आ रहा था। वह अपने दोस्त प्यारे लाल को भी बाइक पर अपने साथ ले आया। जन्मदिन को घर पहुंचने से पहले ही सड़क हादसे ने सुरेंद्र और उसके दोस्त की जान ले ली।
हादसे के कुछ समय पहले ही सुरेंद्र ने घरवालों पर सड़क तक पहुंचने के लिए कहा था लेकिन उसे क्या पता था कि घरवाले सड़क पर ही इंतजार करते रहेंगे और वह कभी घर तक नहीं पहुंचेगा। सुरेंद्र की शादी करीब एक साल पहले ही हुई थी। पिता का साया पहले ही सिर से उठ चुका है। दोनों बहनों की शादी हो गई है। अब घर बूढ़ी मां और पत्नी रह गए हैं। प्रधान महोग रूपलाल, मोहन लाल, महेश राज ने इस दुखद घटना पर शोक व्यक्त किया है।