पीड़ित युवाओं ने कहा कि उन्हें संयुक्त अरब अमीरात की अल-हिब्बा कंस्ट्रशन कंपनी में काम दिलाने के नाम पर 80-80 हजार रुपये लिए गए। कुछ दिनों बाद उन्हें टिकट, वीजा और कंपनी का ऑफर लेटर दिया गया।
जब वह 18 जुलाई 2018 को विदेश जाने के लिए दिल्ली पहुंचे तो वहां जांच में अधिकारियों ने बताया कि उनके सभी दस्तावेज फर्जी हैं। टिकट केवल बुकिंग लेटर है जबकि इसका भुगतान नहीं किया गया है। उन्होंने जब वहां से एजेंट से संपर्क किया तो उसने 5-5 हजार और देने को कहा।
साथ ही उन्हें एक या दो दिन में फ्लाइट बुकिंग की बात कही। उन्होंने पांच हजार रुपये भी दे दिए लेकिन, उसके बाद से एजेंट उनके साथ टालमटोल कर रहे हैं। डीएसपी तरनजीत सिंह ने बताया कि मंगलवार देर शाम को शिकायत मिली है। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।