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Shimla News: चिट्टा तस्करी के मामले में दो दोषियों को पांच-पांच साल का कठोर कारावास

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विशेष न्यायाधीश रोहड़ू की अदालत ने सुनाया फैसला, 20,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया, जुर्माना अदा न करने पर भुगतना होगा एक साल का अतिरिक्त कारावास
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वर्ष 2024 में पटसारी के पास बरामद किया था 15.15 ग्राम चिट्टा
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। चिट्टा तस्करी के मामले में अदालत ने दो दोषियों को पांच-पांच साल के कठोर कारावास और 20,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा नहीं करने पर दोनों दोषियों को एक साल के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।
विशेष न्यायाधीश रोहड़ू की अदालत ने सभी गवाहों और बयानों को सुनने के बाद यह फैसला सुनाया है। मामला 2 अगस्त 2024 का है जब रोहड़ू पुलिस की टीम ने सूचना के आधार पर पटसारी के पास नाकाबंदी की थी। इस दौरान खड़ापत्थर की ओर से आ रही सफेद रंग की गाड़ी नंबर एचपी 06 बी-1034 को पुलिस की टीम ने रुकने को कहा। वाहन में दो लोग सवार थे। इसमें गाड़ी की ड्राइविंग सीट पर बैठे व्यक्ति ने अपना नाम जोगिंद्र सिंह निवासी गांव अढाल रोहड़ू और दूसरी तरफ सामने वाली सीट पर बैठे व्यक्ति ने अपना नाम अनूप कुमार निवासी गांव बराड़ा बताया। पुलिस की टीम ने एएसआई अशोक कुमार की अगुवाई में स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में गाड़ी की तलाशी शुरू की। इस दौरान गाड़ी के भीतर आगे वाली दोनों सीटों के बीच हैंड ब्रेक के साथ छिपाकर रखा एक पैकेट बरामद किया गया।
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पुलिस ने जब इस पैकेट को खोलकर जांच की तो इसमें सफेद रंग का पदार्थ बरामद किया गया। ड्रग डिटेक्शन किट से जांच करने पर बरामद किया गया पदार्थ चिट्टा पाया गया। इसका वजन 15.15 ग्राम पाया गया। पुलिस ने मौके पर ही नशे को कब्जे में लेने के साथ गाड़ी के दस्तावेजों को भी अपने कब्जे में ले लिया। पुलिस ने इसके बाद तहसीलदार रोहड़ू की मौजूदगी में दोनों की शारीरिक तलाशी भी ली लेकिन इसमें किसी प्रकार का मादक पदार्थ बरामद नहीं हुआ। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्जकर गिरफ्तार किया। पुलिस ने मामले के विभिन्न पहलुओं की छानबीन के बाद आरोपपत्र तैयार करके चालान अदालत के समक्ष पेश किया। अदालत ने सभी गवाहों और तथ्यों के आधार पर दोनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए पांच साल के कठोर कारावास और 20,000 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा नहीं करने पर दोनों दोषियों को एक साल का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। प्रदेश में चिट्टा तस्करी के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। ऐसे में अदालतों की तरफ से भी नशा तस्करी के मामलों में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है।
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