रिशू तीसरी और बिशू पहली कक्षा में पढ़ाई कर रहा था। पुलिस के अनुसार बुधवार दोपहर सवा एक बजे जब आग लगी तो बच्चों के पिता पप्पू राम काम के चलते घर से बाहर थे। उनकी मां डिपो से राशन लाने गई थी।
दादी किसी काम के सिलसिले में चंबा गईं थीं। बच्चों के दादा गांव की ही दुकान में गए थे। दोनों बच्चे खेलते-खेलते घास के बने शेड में पहुंच गए। इसी दौरान अचानक आग की चिंगारी शेड में रखे घास में सुलग पड़ी।
शेड से धुआं उठता देख ग्रामीण मौके पर पहुंचे और तुरंत अग्निशमन विभाग को भी सूचना दी। सूचना मिलते ही अग्निशमन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और ग्रामीणों के साथ आग बुझाने में जुट गई। शेड से घास निकालते वक्त भीतर बच्चों के होने का पता चला, जिससे ग्रामीण सन्न रह गए।
ग्रामीणों ने जल्दी-जल्दी घास हटाकर बच्चों को बाहर निकाला लेकिन, तब तक देर हो चुकी थी। बच्चेे बुरी तरह झुलस चुके थे और उनकी सांसें थम चुकी थीं। घटना की जानकारी मिलने पर परिवार वालों के होश उड़ गए।
बच्चों की मां रीना देवी, दादा, दादी होशहवास खो चुके थे। वहीं, जानकारी मिलते ही डीसी चंबा हरिकेश मीणा, एसडीएम चंबा दीप्ति मंढोत्रा, एसएचओ चंबा घटनास्थल पर पहुंच गए।
हादसे से क्षेत्र के लोगों में शोक की लहर दौड़ गई है। एसडीएम ने कहा कि आग लगने के कारणों की छानबीन की जा रही है। उपायुक्त चंबा हरिकेश मीणा ने कहा कि पीड़ित परिवार को हरसंभव सहायता प्रदान की जाएगी। इस घटना की जांच करवाई जा रही है।