राजधानी की रहने वाली चौदह वर्षीय बच्ची डेंगू की चपेट में आ गई है। इस बच्ची को आईजीएमसी में दाखिल किया गया है। डॉक्टरों की निगरानी में बच्ची का इलाज किया जा रहा है।
जबकि, दूसरी ओर विकासनगर की रहने वाली महिला भी इस बीमारी की चपेट में है। अस्पताल में टेस्ट रिपोर्ट आने के बाद दोनों को डेंगू होने की पुष्टि हुई है। ढली की रहने वाली चौदह साल की बच्ची का अस्पताल के चिल्ड्रन वार्ड में इलाज चल रहा है।
बच्ची की डेंगू की रिपोर्ट पॉजिटिव आने की पुष्टि अस्पताल प्रशासनिक अधिकारी डॉ. अंजलि चौहान ने की है। उन्होंने बताया कि एक अन्य महिला की भी रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। आईजीएमसी में एकाएक शहर से डेंगू के दो मामले सामने आने के बाद लोगों में दहशत है।
टेस्ट रिपोर्ट पॉजिटिव आई
ढली की रहने वाली इस बच्ची को 16 नवंबर को अस्पताल में इलाज के लिए लाया गया था। बच्ची की हालत खराब होने के बाद डॉक्टरों ने इसे अस्पताल के वार्ड में दाखिल कर दिया था। 17 नवंबर को बच्ची की टेस्ट रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।
डॉक्टर का कहना है कि बच्ची बीते दिनों चंडीगढ़ में घूमने गई थी। यहां पर मच्छर के काटने पर बच्ची बीमारी की चपेट में आ गई थी। शिमला आने के बाद इसे बुखार हुआ और अस्पताल लाया गया था, जहां पर डॉक्टरों की निगरानी में उपचार चल रहा है।
जबकि दूसरा मामला विकासनगर का है। इक्कतीस साल की महिला भी अस्पताल की ओपीडी में इलाज के लिए आई थी। हालांकि, इलाज के बाद वह लौट गई। महिला की टेस्ट रिपोर्ट पॉजिटिव होने की जानकारी मिली है।
उधर, अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक अधीक्षक डॉ. रमेश चंद ने कहा कि अस्पताल में अभी तक डेंगू से किसी भी व्यक्ति की मौत नहीं हुई है। एमएस ने बताया कि अगर व्यक्ति दूसरे राज्य में जाता है और उसे मच्छर काट लेने के बाद बुखार जैसी स्थिति लगे तो उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाएं।
मच्छरों से बचाव को क्रीम का करें उपयोग
आईजीएमसी की प्रशासनिक अधिकारी डॉ. अंजलि चौहान ने बताया कि लोगों को मच्छरों से बचाव के लिए फुल बाजू के कपड़े पहनने चाहिए। इसके अलावा मच्छरों से बचाव के लिए क्रीम आदि का इस्तेमाल करना चाहिए। उधर, विशेषज्ञों का कहना है कि शिमला में डेंगू फैलने की संभावना कम है। यह वे लोग हैं, जो बाहरी राज्यों में गए होंगे और मच्छरों ने काटा होगा।
क्या हैं डेंगू के लक्षण
डेंगू होने के लक्षणों में मुख्यता व्यक्ति के सिर और हाथ पैर में दर्द के अलावा जी मिचलाना और भूख कम लगना जैसे लक्षण होते हैं। अगर इस तरह के लक्षण हों तो मरीज को तुरंत अस्पताल आना चाहिए।