अगर आप विशेष श्रेणी यात्री हैं और रोज बस में सफर करते हैं तो इस खबर को जरूर पढ़ लें। विशेष श्रेणी यात्रियों को बसों में सफर के दौरान परेशानी से बचाने के लिए बड़ा फैसला लिया है।
निजी बसों में सफर करने वाले विशेष श्रेणी यात्रियों की परेशानी को नजरंदाज करना संचालकों को भारी पड़ सकती है। परिवहन विभाग ने निर्देश जारी किए हैं कि अगर किसी बस में विशेष श्रेणी यात्री (एससीपी) को सीट नहीं मिलती तो उससे किराया नहीं लिया जा सकता।
यह भी कहा है कि विशेष श्रेणी यात्रियों के बस में सफर करने के दौरान सीट दिलाना चालक और परिचालक की जिम्मेदारी होगी। सीट न मिलने की सूरत में दो हजार से ज्यादा का जुर्माना हो सकता है।
इस कारण लिया फैसला
दरअसल, निजी बसों में सफर के दौरान कई बार सीट न होने के बावजूद बस चालक और परिचालक सवारियां चढ़ाते चलते हैं। इस दौरान विशेष श्रेणी में शामिल महिलाओं, दिव्यांगों, कैंसर मरीजों और वरिष्ठ नागरिकों को सीट भी नहीं मिलती।
परिवहन विभाग को बड़ी संख्या में इस संबंध में शिकायतें मिल रही थी। इन्हीं शिकायतों को देखते हुए विभाग ने आदेश जारी किए हैं। एससीपी श्रेणी के लिए हर बस में बाई ओर की चालीस फीसदी सीटें आरक्षित की गई हैं।
इसके अलावा चालकों व परिचालकों के लिए निर्देश हैं कि अगर बस में इस श्रेणी के यात्री को सीट नहीं मिलती तो उसका किराया लौटाना पड़ेगा। यही नहीं, अगर शिकायत हुई और जांच में आरोपी सही निकले तो दो हजार से ज्यादा का जुर्माना भी लग सकता है।
सीट न मिले तो विभाग से करें शिकायत
इस आदेश के बाद सरकारी व निजी बसों में यात्रियों को सीट न होने के बावजूद ठूंस ठूंस कर भरने और उससे यात्रियों को होने वाली परेशानी से काफी हद तक निजात मिल जाएगी।
सीट न मिलने की सूरत में परिवहन विभाग में लिखित शिकायत की जा सकती है। शिकायतकर्ता अपनी समस्या को संबंधित क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी कार्यालय के अलावा परिवहन आयुक्त कार्यालय में दर्ज करा सकता है। इसके अलावा ई मेल या आफिस के फोन नंबर पर भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।