प्लानिंग एरिया शिमला में ढाई मंजिला से अधिक भवन निर्माण पर सुप्रीमकोर्ट ने सुनवाई दो सप्ताह के लिए टाल दी है। वीरवार को सुप्रीम कोर्ट में यह मामला लगा हुआ था। सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता को बीते 18 नवंबर तक अपनी बात शपथपत्र में रखने के निर्देश दिए हैं। बताया जा रहा है कि यह शपथपत्र सुप्रीम कोर्ट में दे दिया गया है।
उल्लेखनीय है कि शिमला प्लानिंग एरिया में लोग ढाई मंजिला भवन बनाने को तैयार नहीं हैं। बीते पांच महीने से विभाग में इक्का-दुक्का लोगों ने ढाई मंजिला भवन बनाने के लिए आवेदन किया है। यही नहीं, सरकार की नोडल एजेंसी हिमुडा का भी कंस्ट्रक्शन का काम प्रभावित हुआ है।
एजेंसी ने जाठिया देवी में 300 बीघा जमीन पर कॉलोनियों का निर्माण करना है, लेकिन मंजिलें कम मिलने से यह काम रुका पड़ा है। इसके अलावा शिमला, ठियोग, सोलन आदि क्षेत्रों में पहले की अपेक्षा निर्माण कार्य कम हुआ है। प्रदेश सरकार ने ढाई मंजिल से ज्यादा साढ़े तीन मंजिला भवन निर्माण की अनुमति देने की याचिका दी है।
30 डिग्री एंगल की शर्त भी पड़ी भारी
एनजीटी ने शिमला प्लानिंग एरिया में 30 डिग्री एंगल वाली जमीन पर भवन निर्माण करने को कहा है। शिमला की भौगोलिक स्थिति के चलते यह शर्त लोगों पर भारी पड़ रही है। सरकार ने इस शर्त को हटाने की भी सुप्रीम कोर्ट में गुहार लगाई है।