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बर्फ में 17 किमी पैदल चलकर रेस्क्यू किए 26 लोग, रोहतांग दर्रा बहाल

Mon, 01 Oct 2018 06:45 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
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जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति में बर्फ में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए ग्राउंड रेस्क्यू अभियान के आठवें दिन जिला प्रशासन ने 26 लोगों को छतडू से निकाल कर कोकसर पहुंचाया। इसके साथ ही लगभग आठ दिन चले रेस्क्यू अभियान खत्म हो गया है।

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रेस्क्यू टीम की अगवाई एसडीएम अमर नेगी ने की। उन्होंने कहा कि उन्हें सेटेलाइट फोन से सूचना मिली थी कि छतडू में कुछ मजदूर और एक शोधकर्ता बर्फ में फंसे हैं। आपदा प्रबंधन टीम और पुलिस जवानों के साथ उन्होंने 30 सितंबर को ग्रांफू से छतडू की ओर पैदल कूच किया।

17 किलोमीटर बर्फ में चलने के कारण बचाव दल ने 30 सितंबर की रात को छतडू में गुजारी। एक नवंबर को टीम छतडू में फंसे इन 26 लोगों को लेकर पैदल ग्रांफू के लिए निकली। 

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लगातार सात घंटे तक चलने के बाद ये लोग कोकसर पहुंचे

बर्फ के बीच लगातार सात घंटे तक चलने के बाद ये लोग कोकसर पहुंचे। सुरक्षित निकाले गए सभी लोगों को कोकसर में लोनिवि के विश्रामगृह में ठहराया गया। यहां उनके रहने और खाने-पीने की व्यवस्था की गई है।

रेस्क्यू टीम में अमर नेगी के अलावा जिला आपदा प्रबंधन के समन्वयक प्रशांत, सदस्य अरुण, रोशन समेत पुलिस के कुछ जवान भी मौजूद रहे। उपायुक्त अश्विनी कुमार चौधरी ने बताया कि ग्राउंड रेस्क्यू अभियान के साथ आठ दिन तक चला बचाव अभियान खत्म हो गया है।

इस दौरान हवाई और ग्राउंड रेस्क्यू के जरिये बर्फ में फंसे हजारों लोगों की जान बचाई गई। इसमें जिला प्रशासन, पुलिस, आपदा प्रबंधन, लायुल माउंट्रेनिंग स्पोर्ट्स क्लब और लाहौल के महिला मंडलों ने अहम भूमिका निभाई। 

रोहतांग-मनाली मार्ग बहाल

बर्फबारी से लकदक 13050 फीट ऊंचा रोहतांग दर्रा 10 दिन बाद यातायात के लिए बहाल हो गया है। बीआरओ ने सोमवार शाम को रोहतांग दर्रे को वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दिया है। जिससे रोहतांग दर्रा व कोकसर के आसपास फंसे वाहनों को निकालना आसान होगा।

वहीं 11 दिनों तक बर्फबारी से अलग-थलग पड़ी लाहौल घाटी भी पूरे विश्व से जुड़ गई है। बीआरओ ने रोहतांग दर्रा खोलने के लिए पूरी ताकत झोंकी है। मनाली से करीब 39 किलोमीटर आगे मनाली-रोहतांग सड़क के बीच करीब 250 मीटर सड़क धंसने से बीआरओ को परेशानी का सामना करना पड़ा।

सीमा सड़क संगठन के जवानों ने जहां दो से 10 किलोमीटर तक बर्फ हटाई है, वहीं उन्हें 250 मीटर तक धंसी सड़क को नए सिरे से तैयार करना पड़ा है। रोहतांग दर्रा व इसके आसपास बर्फ की चादर होने से बीआरओ फिलहाल कुछ दिनों तक लाहौल से मनाली के बीच वन-वे ट्रैफिक शुरू करेगा।
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मनाली से सरचू तक सड़क बहाल

मंगलवार को लाहौल की तरफ से वाहन कुल्लू-मनाली आएंगे, जबकि तीन सितंबर बुधवार को मनाली से लाहौल के लिए वाहन भेजे जाएंगे। हालांकि एकतरफा यातायात को भी दोपहर दो बजे तक ही चलाया जाएगा।

इसमें बसों को भी भेजा जाएगा। बीआरओ के कमांडर कर्नल एके अवस्थी ने बताया कि बीआरओ ने बर्फ हटाओ अभियान में 10 फीट ऊंची बर्फ के दीवार हटाई है।

मनाली से सरचू तक सड़क बहाल हो गई है। कुछ दिनों तक वन वे ट्रैफिक रहेगा इसके बाद स्थिति सामान्य होने पर दोनों तरफ से बस व अन्य वाहनों को भेजा जाएगा।

उल्लेखनीय है कि 22 सितंबर को हुई बर्फबारी से रोहतांग दर्रे से यातायात बंद हो गया था। पूरी लाहौल घाटी में हजारों लोग बर्फ में फंस गए थे। जिन्हें निकालने का रेस्क्यू ऑपरेशन सोमवार को पूरी तरह से संपन्न हो गया है।
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