- टनल में 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेंगे वाहन, 75-75 मीटर के बाद बनेंगे सुरक्षा प्वाइंट
- साढ़े तीन मीटर ऊंचे और दो मीटर चौड़े सुरक्षा प्वाइंट होंगे, आपातकालीन स्थिति में 15 लोग रुक सकेंगे
- टनल के अंदर होंगे अग्निशमन संयंत्र, आपातकालीन में मिलेगी टेलीफोन की सुविधा
- फुटपाथ दोनों तरफ से हाईवे से डेढ़ मीटर होगा। दोनों तरफ से लगेंगी रेलिंग
-टनल के अंदर लगेंगी भव्य लाइटें, वैंटिलेशन फैन के अलावा दोनों तरफ से बनेगी ट्रेनिज
शिमला के 25 गांवों से होकर गुजरेगा फोरलेन
कैथलीघाट से करीब साढ़े 27 किलोमीटर लंबे फोरलेन में शहर के करीब 25 गांवों से गुजरता होकर ढली जंक्शन तक पहुंचेगा। इसी बीच यहां से गुजरने वाले हाइवे पर आठ बड़े पुल और चार छोटे पुल बनेंगे। इसके अलावा एक केबल स्टे ब्रिज भी बनेगा।
यह पुल पूरी तरह तारों पर टिका होगा। इसमें अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल होगा। इसी बीच हाइवे विभिन्न स्थानों से गुजरता हुआ तीन टनलों के माध्यम से ढली जंक्शन तक पहुंचेगा।